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फिल्म ‘धुरंधर’ देखकर 12 वर्षीय बालक ने लिखी बम धमकी की चिट्ठी, अहमदाबाद स्पोर्ट्स क्लब मामले का खुलासा

सूरत के कपड़ा व्यापारी के 12 वर्षीय बेटे की शरारत निकली आतंकी धमकी, फिल्म ‘धुरंधर’ से प्रभावित होकर लिखी थी चिट्ठी

अहमदाबाद। अहमदाबाद के एसपी स्टेडियम के निकट स्थित एक स्पोर्ट्स क्लब में बम धमाके की धमकी भरी चिट्ठी मिलने के मामले का नारणपुरा पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया है कि यह चिट्ठी किसी आतंकी संगठन ने नहीं, बल्कि सूरत के एक कपड़ा व्यापारी के 12 वर्षीय पुत्र ने फिल्म ‘धुरंधर’ देखने के बाद मजाक के तौर पर लिखी थी।

पुलिस के अनुसार, सूरत के एक कपड़ा व्यापारी का परिवार कुछ दिनों पूर्व स्पोर्ट्स क्लब के एक कमरे में ठहरा हुआ था। इसी दौरान परिवार के 12 वर्षीय बालक ने फिल्म ‘धुरंधर’ से प्रभावित होकर अंग्रेजी में पेंसिल से दाऊद इब्राहिम और लश्कर-ए-तैयबा के नाम का उल्लेख करते हुए धमकी भरी चिट्ठी लिख दी। बाद में उसने वह चिट्ठी कमरे के डिजिटल लॉकर में रख दी। लॉकर बंद हो जाने के कारण चिट्ठी वहीं रह गई और परिवार के चेकआउट करने के बाद हाउसकीपिंग स्टाफ को सफाई के दौरान मिली।

चिट्ठी में 21 जून को स्पोर्ट्स क्लब में विस्फोट करने की धमकी लिखी गई थी। धमकी भरा पत्र मिलने के बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDDS), डॉग स्क्वॉड, एसओजी और अन्य एजेंसियां तत्काल मौके पर पहुंची थीं। करीब दो घंटे तक चली जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच शुरू की गई।

पुलिस ने स्पोर्ट्स क्लब के सीसीटीवी फुटेज, कमरे के रिकॉर्ड और डिजिटल लॉकर के तकनीकी लॉग की जांच की। जांच में पता चला कि संबंधित लॉकर को अंतिम बार 24 मई 2026 को 10 से 12 बार खोला और बंद किया गया था। इसके बाद लॉकर दोबारा नहीं खोला गया। इस आधार पर उस अवधि में कमरे में ठहरे लोगों की जानकारी जुटाई गई और जांच सूरत के व्यापारी परिवार तक पहुंची।

पूछताछ के दौरान बालक ने स्वीकार किया कि उसने फिल्म देखने के बाद मजाक में यह चिट्ठी लिखी थी। पुलिस के अनुसार, मामले में किसी आतंकी संगठन या आपराधिक साजिश का कोई संबंध सामने नहीं आया है।

उल्लेखनीय है कि जिस कमरे से चिट्ठी बरामद हुई थी, वह स्पोर्ट्स क्लब के सदस्य पलक डॉक्टर के रेफरेंस पर बुक कराया गया था। 29 मई को तीन विदेशी व्यापारी वहां ठहरे थे और 30 मई को चेकआउट कर चुके थे। प्रारंभिक जांच में इन विदेशी नागरिकों से भी पूछताछ की गई थी, लेकिन बाद में तकनीकी जांच से पूरा मामला एक बालक की शरारत का निकला।

एसीपी एच.एम. कणसागरा ने बताया कि डिजिटल लॉकर के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया गया। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस प्रकार की मजाकिया हरकतें भी सुरक्षा एजेंसियों को भारी संसाधन और समय खर्च करने पर मजबूर कर देती हैं, इसलिए ऐसी गतिविधियों से बचना चाहिए। :::

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