
सूरत। रिंग रोड स्थित जश टेक्सटाइल मार्केट के एक ग्रे कपड़ा व्यापारी से 27.42 लाख रुपये का माल लेकर भुगतान नहीं करने तथा बाद में फर्म बंद कर नई फर्म शुरू करने का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मिलेनियम मार्केट के व्यापारी, उसके सहयोगी भाई और एक कपड़ा दलाल के खिलाफ जांच शुरू की है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार शिकायतकर्ता महेशकुमार रणछोड़भाई खूंट (57), निवासी देवप्रयाग रेसिडेंसी, सिंगणपोर, सूरत तथा मूल निवासी पच्छेगाम (जिला भावनगर) रिंग रोड स्थित जश टेक्सटाइल मार्केट की बेसमेंट दुकान नंबर-52 में गुरुकृपा क्रिएशन नाम से ग्रे कपड़े का व्यापार करते हैं।
उन्होंने प्रदीपभाई अग्रवाल, प्रोपराइटर क्यारा फैशन, पूर्व में दुकान नंबर डी-2141, मिलेनियम टेक्सटाइल मार्केट, रिंग रोड, सूरत तथा वर्तमान में जी-13 से 15, सोमेश्वर टेक्सटाइल मार्केट-2, रिंग रोड, सूरत, रवीभाई अग्रवाल और कपड़ा दलाल राधेश्याम बद्रीनारायण ओझा के खिलाफ सलाबतपुरा पुलिस थाने में ठगी का मामला दर्ज करवाया है।
महेश खूंट का फरवरी-2017 में दलाल राधेश्याम ओझा ने मिलेनियम मार्केट स्थित क्यारा फैशन के संचालक प्रदीप अग्रवाल और रवी अग्रवाल से परिचय कराया था। आरोपियों ने बाजार में अच्छी साख और समय पर भुगतान का भरोसा देकर बड़े पैमाने पर व्यापार करने की बात कही थी। दलाल ने भी भुगतान की जिम्मेदारी लेने का आश्वासन दिया था।
इसके बाद गुरुकृपा क्रिएशन से 25 फरवरी 2017 से 6 जुलाई 2017 के बीच विभिन्न बिलों के जरिए 17,84,580 रुपये का ग्रे कपड़ा क्यारा फैशन को दिया गया। वहीं फरियादी के भाई भरतकुमार रणछोड़भाई खूंट की फर्म शिवशक्ति टेक्सटाइल से 16 फरवरी 2017 से 6 जून 2017 के बीच 20,62,120 रुपये का ग्रे कपड़ा सप्लाई किया गया। माल मिलेनियम मार्केट स्थित दुकान और सलाबतपुरा के गोदाम पर भेजा गया था।
शुरुआत में विश्वास कायम रखने के लिए गुरुकृपा क्रिएशन को 4,72,031 रुपये और शिवशक्ति टेक्सटाइल को 6,32,051 रुपये का आंशिक भुगतान किया गया। इसके बाद भुगतान बंद कर दिया गया। गुरुकृपा क्रिएशन के 13,12,549 रुपये तथा शिवशक्ति टेक्सटाइल के 14,30,069 रुपये बकाया रह गए। इस प्रकार दोनों फर्मों के कुल 27,42,618 रुपये आरोपियों पर बकाया हो गए।
फरियादी का कहना है कि बार-बार उगाही करने पर प्रदीप अग्रवाल ने दोनों बकाया राशियों के भुगतान के लिए दि फाइनेंशियल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के चेक दिए, लेकिन बैंक में जमा कराने पर दोनों चेक अनादृत (बाउंस) हो गए। इसके बाद दोनों भाइयों ने अदालत में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत अलग-अलग मामले दर्ज कराए, जो वर्तमान में न्यायालय में लंबित हैं।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बाद में दलाल राधेश्याम ओझा राजस्थान के बीकानेर चला गया और उसका मोबाइल बंद कर दिया, जबकि प्रदीप एवं रवी अग्रवाल ने मिलेनियम मार्केट की क्यारा फैशन फर्म बंद कर दी। इसके बाद प्रदीप अग्रवाल ने अपनी पत्नी और पुत्र के नाम से सोमेश्वर टेक्सटाइल मार्केट-2 में नई फर्म शुरू कर व्यापार जारी रखा।
फरियादी का आरोप है कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से समय पर भुगतान का भरोसा देकर लाखों रुपये का ग्रे कपड़ा प्राप्त किया, भुगतान नहीं किया, चेक बाउंस होने के बाद भी रकम नहीं चुकाई और इस प्रकार 27.42 लाख रुपये की धोखाधड़ी एवं आपराधिक विश्वासघात किया।मामले की जांच पुलिस इंस्पेक्टर वी.ई. राठौड़ कर रहे हैं।



