बच्चों में आध्यात्मिक संस्कारों के लिए मंत्र दीक्षा कार्यशाला आयोजित
70 बच्चों ने ग्रहण की मंत्र दीक्षा, नवकार मंत्र के महत्व से कराया गया परिचय

सूरत। आचार्य महाश्रमण की प्रेरणा एवं अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के निर्देशन में बच्चों में आध्यात्मिक संस्कार, अनुशासन और नियमित साधना की भावना विकसित करने के उद्देश्य से तेरापंथ भवन, सिटीलाइट में “मंत्र दीक्षा कार्यशाला” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञानशाला परिवार द्वारा मंगलाचरण के साथ हुआ।
मुनि डॉ. मदनकुमार स्वामी आदि ठाणा-3 के सान्निध्य में आयोजित कार्यशाला में मुनिश्री ने 9 वर्ष आयु के 70 बच्चों को मंत्र दीक्षा प्रदान की। इस अवसर पर उन्होंने नवकार मंत्र के आध्यात्मिक एवं व्यावहारिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नियमित मंत्र-जप से आत्मविश्वास, एकाग्रता और सकारात्मक संस्कारों का विकास होता है। उन्होंने बच्चों को प्रतिदिन मंत्र-साधना करने तथा अपने जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के दौरान अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् की ओर से सभी दीक्षित बच्चों को ‘मंत्र दीक्षा’ पुस्तक भेंट कर नियमित साधना के लिए प्रोत्साहित किया गया।
इस अवसर पर मैनेजिंग ट्रस्टी अनिल बोथरा, सभा अध्यक्ष महेंद्र गांधी मेहता, तेरापंथ युवक परिषद् अध्यक्ष अमित सुराणा, मंत्री गणेश बंब, पदेन पदाधिकारी धर्मेंद्र सालेचा सहित तेयुप एवं तेरापंथ समाज की विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सहयोगी के रूप में तेयुप कार्यकारिणी सदस्य ललित श्रीमाल ने सहर्ष सहयोग स्वीकार किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मंत्र दीक्षा टीम एवं ज्ञानशाला परिवार का विशेष योगदान रहा। कार्यशाला के माध्यम से बच्चों में आध्यात्मिक जागरूकता, अनुशासन एवं नियमित साधना के संस्कार विकसित करने का प्रभावी प्रयास किया गया।




