
सूरत। ऊपरी क्षेत्रों में हुई भारी से अति भारी बारिश के कारण सूरत शहर में एक महीने के भीतर तीसरी बार खाड़ी बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई। लगातार बढ़ते जलस्तर से सीमाड़ा और मिठी खाड़ी उफान पर पहुंच गईं, जिससे कई निचले इलाकों में पानी भर गया। बार-बार बाढ़ जैसी स्थिति बनने से शहरवासियों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को सूरत और जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया था। पिछले 24 घंटों में शहर में लगभग 5 से 6 इंच तथा जिले के विभिन्न हिस्सों में 6 से 12 इंच तक बारिश दर्ज की गई। उमरपाड़ा, पलसाणा, कडोदरा, कामरेज और बारडोली समेत ऊपरी क्षेत्रों का पानी सीमाड़ा और मिठी खाड़ी में पहुंचने से दोनों खाड़ियों का जलस्तर लगातार बढ़ता रहा।
शनिवार शाम तक सीमाड़ा खाड़ी खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गई। एहतियात के तौर पर सरथाणा जोन के वेलंजा समेत आसपास के क्षेत्रों से 150 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। वहीं मिठी खाड़ी का जलस्तर भी शाम तक बढ़कर 8.50 मीटर पहुंच गया, जिससे कमरूनगर, बेठी कॉलोनी, रज़ा नगर चौक, गोडादरा, पूणा-कुंभारिया मेन रोड, सारोली और सनिया हेमाद सहित कई इलाकों में दो फीट तक पानी भर गया। इन क्षेत्रों से भी 150 से अधिक लोगों का स्थानांतरण किया गया तथा प्रभावित परिवारों के लिए भोजन के पैकेट उपलब्ध कराए गए।
इस बीच, नए कमेला दरवाजा के पास शुक्रवार सुबह खाड़ी में गिरे युवक की तलाश दूसरे दिन भी जारी रही। फायर ब्रिगेड की टीम ने डायमंड बर्स क्षेत्र के पास नाव उतारकर सघन खोज अभियान चलाया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका। लगातार बारिश और तेज बहाव के कारण राहत एवं बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।


