बैंकों और रिकवरी एजेंटों की मनमानी पर आरबीआई की लगाम
कर्ज वसूली के लिए धमकी, गाली-गलौज और मारपीट नहीं कर सकेंगे रिकवरी एजेंट; कर्जदार का मोबाइल या लैपटॉप भी बंद नहीं कर सकेंगे बैंक

मुंबई, 10 अगस्त। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बकाया कर्ज की वसूली के नाम पर ग्राहकों को परेशान करने वाले बैंकों और रिकवरी एजेंटों की मनमानी पर लगाम कस दी है। कर्ज की वसूली के लिए अब रिकवरी एजेंट कर्जदारों को धमकी नहीं दे सकेंगे, गाली-गलौज या अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे और किसी भी तरह का हिंसक व्यवहार नहीं कर सकेंगे। रिजर्व बैंक के नए नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे।
सोशल मीडिया और फोन के माध्यम से कर्जदारों को लगातार परेशान किए जाने की बढ़ती शिकायतों के बीच रिजर्व बैंक ने बैंकों तथा रिकवरी एजेंटों के लिए ये नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। केंद्रीय बैंक पहले ही अनुचित समय पर फोन करने और बल प्रयोग करने पर रोक लगा चुका है। अब बैंकों के कर्मचारियों और रिकवरी एजेंटों द्वारा धमकी भरी या अश्लील भाषा का इस्तेमाल करने, कर्जदार की निजी जानकारी सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने, अनुचित संदेश भेजने तथा बार-बार फोन कर परेशान करने पर भी सख्ती की गई है।
नए नियमों के तहत रिकवरी एजेंट कर्जदार के अलावा उसके रिश्तेदारों, कर्ज के लिए संदर्भ देने वाले व्यक्ति, दोस्तों या सहकर्मियों को भी धमका या सार्वजनिक रूप से अपमानित नहीं कर सकेंगे। इसके साथ ही कर्ज की राशि या भुगतान नहीं करने पर होने वाले परिणामों के संबंध में गलत अथवा भ्रामक जानकारी देकर डराने-धमकाने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
कर्ज वसूली के लिए मोबाइल-लैपटॉप बंद नहीं कर सकेंगे बैंक
रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि बैंक अपनी बकाया राशि की वसूली के लिए कर्जदार के मोबाइल फोन या लैपटॉप को निष्क्रिय नहीं कर सकेंगे। हालांकि, यदि मोबाइल या लैपटॉप की खरीद के लिए बैंक ने स्वयं कर्ज दिया है तो कुछ विशेष परिस्थितियों में कर्ज की वसूली के लिए उपकरण को निष्क्रिय करने की अनुमति होगी। ऐसी स्थिति में भी बैंक को यह कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से करनी होगी।
मोबाइल या लैपटॉप को निष्क्रिय करने की स्थिति में भी बैंक कर्जदार के आवश्यक फीचर जैसे आने वाली फोन कॉल, संदेश और आपातकालीन एसओएस सुविधा को बंद नहीं कर सकेंगे। नए नियमों का उद्देश्य कर्ज वसूली की प्रक्रिया में कर्जदारों के सम्मान, निजता और आवश्यक डिजिटल सुविधाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।




