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मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सूरत में ऑल इंडिया मेयर्स काउंसिल की 116वीं राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक का किया उद्घाटन

सूरत: मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने सूरत में आयोजित ऑल इंडिया मेयर्स काउंसिल की 116वीं राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक का शुभारंभ किया। इस अवसर पर देश के 16 राज्यों के महानगरों के मेयर्स, गुजरात के शहरी विकास एवं वित्त मंत्री श्री कनुभाई देसाई तथा परिषद के पदाधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों का सर्वांगीण आर्थिक-सामाजिक विकास तथा स्मार्ट और सस्टेनेबल सिटी डेवलपमेंट, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने का मजबूत आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2005 में शहरी विकास वर्ष की पहल कर शहरीकरण की चुनौतियों को अवसर में बदला। इसके परिणामस्वरूप आधुनिक शहरी विकास मॉडल को गति मिली। 2005 की दो दशक की सफलता के बाद वर्ष 2025 को भी शहरी विकास वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जिससे शहरों की स्वच्छता और भविष्यपरक विकास को नई दिशा मिली है।

उन्होंने बताया कि मजबूत वित्तीय प्रबंधन के जरिए स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना लागू की गई, जिससे आधारभूत सुविधाएं, सामाजिक अवसंरचना, अर्बन ग्रीन मोबिलिटी और मुख्यमंत्री शहरी सड़क योजना को प्राथमिकता मिली और लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ। गुजरात ने बीआरटीएस जनमार्ग और ई-सिटी बस जैसी सफल शहरी परिवहन प्रणालियों का मॉडल देश को दिया है। सूरत डायमंड बोर्स और रिवरफ्रंट जैसे प्रोजेक्ट्स शहरी विकास के प्रतीक बने हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समावेशी विकास के लक्ष्य के तहत छोटे शहरों के विकास पर भी जोर दिया गया है और राज्य में नई नगरपालिकाओं का गठन किया गया है। उन्होंने विकसित गुजरात @2047 के रोडमैप का उल्लेख करते हुए कहा कि गुजरात, विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पूरा करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

इस अवसर पर मंत्री श्री कनुभाई देसाई ने कहा कि जल प्रबंधन, स्वच्छता, आवास, सीवेज और ग्रीन एनर्जी पर ध्यान देकर सुनियोजित शहरी विकास संभव है। ऑल इंडिया मेयर्स काउंसिल के पदाधिकारियों और सूरत के मेयर ने भी सूरत को अन्य शहरों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

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