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सूरत के टेक्सटाइल उद्योग का दौरा करने पहुंचीं टेक्सटाइल कमिश्नर वृंदा मनोहर देसाई, कौशल विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर दिया जोर

सूरत। भारत सरकार की टेक्सटाइल कमिश्नर वृंदा मनोहर देसाई ने 28 मई को सूरत के प्रमुख टेक्सटाइल संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों का दौरा कर उद्योग की वर्तमान स्थिति, कौशल विकास गतिविधियों और पर्यावरणीय पहल का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने फेयरडील इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क, इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल एंड अपैरल डेवलपमेंट सेंटर (आईटीएडीसी), साउथ गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन (एसजीटीपीए) तथा पांडेसरा जीआईडीसी स्थित विभिन्न प्रोसेसिंग यूनिट्स और कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) का निरीक्षण किया।

दौरे का मुख्य उद्देश्य टेक्सटाइल वैल्यू चेन को मजबूत बनाना, कौशल विकास को बढ़ावा देना, उद्यमिता को प्रोत्साहित करना तथा टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल विनिर्माण प्रक्रियाओं को बढ़ावा देना था। फेयरडील इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क में उन्होंने तकनीकी वस्त्र, आधुनिक वीविंग तकनीक, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, श्रमिक आवास और अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने टेक्सटाइल वेस्ट मैनेजमेंट, रीसाइक्लिंग और सर्कुलर इकोनॉमी आधारित औद्योगिक विकास की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।

आईटीएडीसी में उन्होंने पावरलूम और कम्प्यूटरीकृत एम्ब्रॉयडरी क्षेत्र के लिए संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों, परीक्षण सुविधाओं, ई-कॉमर्स ऑनबोर्डिंग और उद्यमिता विकास सेवाओं की सराहना की। उन्होंने प्रशिक्षुओं और युवा उद्यमियों को सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने उत्पादों और सफलता की कहानियों को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने की सलाह दी।

पांडेसरा स्थित एसजीटीपीए ऑडिटोरियम में आयोजित प्रमाणपत्र वितरण समारोह में उन्होंने आईटीएडीसी और 36टी सॉल्यूशंस के सहयोग से संचालित स्किल डेवलपमेंट कोर्स पूरा करने वाले 35 प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए। अपने संबोधन में उन्होंने “चाइना प्लस वन” रणनीति का उल्लेख करते हुए कहा कि वैश्विक बाजार में भारत के लिए नए अवसर तेजी से उभर रहे हैं। गुणवत्ता, नवाचार, स्थिरता और लागत प्रतिस्पर्धा के आधार पर भारतीय टेक्सटाइल उद्योग विश्व बाजार में मजबूत स्थान बना सकता है।

उन्होंने यूरोपियन यूनियन, यूनाइटेड किंगडम और न्यूजीलैंड जैसे देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) से मिलने वाले निर्यात अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। साथ ही उद्योगों से सरकारी योजनाओं का उपयोग केवल सब्सिडी तक सीमित न रखकर आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार के लिए करने की अपील की। पांडेसरा स्थित सीईटीपी के निरीक्षण के दौरान उन्होंने जल पुनर्चक्रण और पर्यावरण संरक्षण के लिए उद्योगों द्वारा किए जा रहे सामूहिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सूरत का टेक्सटाइल उद्योग आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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