
सूरत/गणदेवी। होटल व्यवसायी से उधार ली गई 23.50 लाख रुपये की राशि का भुगतान न करने और दिया गया चेक बाउंस होने के मामले में अदालत ने कपड़ा व्यापारी को दोषी ठहराते हुए दो वर्ष की सजा सुनाई है। गणदेवी की अदालत ने आरोपी देवेन्द्र सत्यनारायण दुबे को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी करार देते हुए जेल, जुर्माना और पूरी राशि चुकाने का आदेश दिया है।
मामले के अनुसार, परिवादी सरवनसिंह सुरतसिंह लबाना, जो चिखली हाईवे पर स्थित प्रसिद्ध होटल “जय हिन्द” के मालिक हैं और पिछले 25 वर्षों से होटल व्यवसाय चला रहे हैं, की पहचान वर्ष 2016 से देवेन्द्र सत्यनारायण दुबे से थी। मित्रता का लाभ उठाते हुए आरोपी ने अपने कपड़ा होलसेल व्यवसाय के लिए पैसों की आवश्यकता बताकर वर्ष 2016 से 2019 के दौरान कुल 23,50,000 रुपये परिवादी से हाथउधार लिए।
राशि वापस मांगने पर आरोपी लंबे समय तक केवल आश्वासन देता रहा। अंततः वर्ष 2021 में उसने 23.50 लाख रुपये का चेक दिया, जिसे बैंक में प्रस्तुत करने पर अपर्याप्त धनराशि के कारण चेक रिटर्न हो गया। इसके बाद परिवादी ने अधिवक्ता के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन भुगतान नहीं होने पर गणदेवी कोर्ट में चेक रिटर्न की शिकायत दर्ज कराई गई।
मामले की सुनवाई के बाद गणदेवी के प्रिंसिपल सीनियर सिविल जज श्री डी.पी. ओझा ने आरोपी देवेन्द्र सत्यनारायण दुबे को दोषी ठहराते हुए दो वर्ष की कैद की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया है, जिसे न भरने पर अतिरिक्त 15 दिन की सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा अदालत ने आरोपी को चेक की पूरी 23.50 लाख रुपये की राशि परिवादी को मुआवजे के रूप में चुकाने का भी आदेश दिया है।




