
सूरत : रिंग रोड स्थित सूरत टेक्सटाइल मार्केट (एसटीएम) में लंबे समय से चल रहे लीज विवाद ने रविवार को फिर तूल पकड़ा, जब मार्केट मैनेजमेंट ने 22 दुकानों को सील कर दिया। लगातार तीन बार नोटिस भेजने के बावजूद लीज एवं मेंटेनेंस की राशि जमा न कराने पर यह कार्रवाई किए जाने की बात मार्केट कमेटी ने कही है। हालांकि, व्यापारियों ने इसे पक्षपातपूर्ण कदम बताते हुए कड़ा विरोध जताया और मामला सलाबतपुरा पुलिस स्टेशन तक पहुंच गया।
व्यापारियों का आरोप है कि सीलिंग की कार्रवाई बिना किसी आधिकारिक ऑर्डर की कॉपी दिखाए, वह भी दुकान मालिकों की गैरहाजिरी में रविवार को की गई। सूचना पर मौके पर पहुंची सलाबतपुरा पुलिस के कहने पर भी संबंधित दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे नाराजगी और बढ़ गई।
मार्केट के अध्यक्ष राजेंद्र ओरडिया ने बताया कि वार्षिक आमसभा में दो बार प्रस्ताव पास किया गया था कि जिन दुकानदारों ने लीज व मेंटेनेंस शुल्क जमा नहीं किया है, उनकी दुकानों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि “22 दुकानों को छोड़ बाकी सभी दुकानदारों ने बकाया चुका दिया है। तीन-तीन नोटिस देने के बाद भी भुगतान न होने पर कमेटी के ठराव अनुसार सीलिंग की कार्रवाई करनी पड़ी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बकाया भुगतान के मामले में बोर्ड ऑफ नोमिनी और आगे ट्रिब्यूनल में भी संबंधित दुकानदारों की अपील खारिज की जा चुकी है।
81 करोड़ का बकाया, व्यापारी बोले—हो रहा है पक्षपात
एसटीएम में लीज रिन्यूअल का कुल बकाया करीब 81 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। हितरक्षक समिति के व्यापारियो ने आरोप लगाया कि छोटी दुकानों पर एक्शन लिया जा रहा है, जबकि यूनियन बैंक स्पेस और पी-2099 समेत कई बड़े स्थानों पर भारी लीज बकाया है, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
उन्होंने सवाल उठाया कि “सीलिंग का कोई कोर्ट ऑर्डर नहीं है, फिर कार्रवाई किस आधार पर?”
उन्होंने मांग की कि सीलिंग तत्काल रोकी जाए, पूरी प्रक्रिया का स्पष्टीकरण दिया जाए और सभी व्यापारियों के साथ समान व्यवहार किया जाए।
बढ़ते विवाद से तनाव, व्यापारी अगली कार्रवाई पर निगाह लगाए बैठे
इस पूरी घटनाक्रम के बाद सूरत टेक्सटाईल मार्केट सहित आसपास के व्यापारिक क्षेत्र में तनाव का माहौल है। व्यापारी अब मैनेजमेंट कमेटी की अगली घोषणा और संभावित समाधान का इंतजार कर रहे हैं।मार्केट में लीज विवाद लंबे समय से चलता आ रहा है और ताजा कार्रवाई ने एक बार फिर इसे नई दिशा दे दी है।




