ओमान चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष की सूरत चैंबर (SGCCI) में यात्रा
दक्षिण गुजरात के टेक्सटाइल उद्योगपति और निर्यातक अमेरिकी टैरिफ से बचने के लिए ओमान के माध्यम से अमेरिका को निर्यात कर सकते हैं — ओमान चैंबर के पूर्व अध्यक्ष

सूरत। ओमान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पूर्व अध्यक्ष, वर्तमान बोर्ड सदस्य एवं ओमान के अग्रणी उद्योगपति श्री रिदा जुमा मोहम्मद अली अल–सालेह ने बुधवार, 5 नवम्बर 2025 को दि सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) की यात्रा की।
SGCCI की ग्लोबल कनेक्ट पहल के तहत उन्होंने चैंबर के अध्यक्ष श्री निखिल मद्रासी एवं पदाधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान भारत—विशेष रूप से दक्षिण गुजरात—और ओमान के बीच व्यापारिक सहयोग एवं पीपल-टू-पीपल कनेक्ट को और मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई।

श्री रिदा ने ओमान में निवेश की संभावनाओं, उद्योग स्थापित करने पर मिलने वाले प्रोत्साहनों और द्विपक्षीय व्यापारिक अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत और ओमान के बीच मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement) अपने अंतिम चरण में है और इसके इस वर्ष के अंत तक हस्ताक्षर होने की संभावना है। इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार दोगुना होने की उम्मीद है।
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी टैरिफ के कारण भारतीय निर्यातकों—विशेष रूप से टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े निर्यातकों—को नुकसान हुआ है। चूंकि ओमान और अमेरिका के बीच पहले से फ्री ट्रेड एग्रीमेंट मौजूद है, इसलिए भारतीय, खासतौर पर दक्षिण गुजरात के निर्यातक, ओमान के माध्यम से अमेरिका को निर्यात कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि ओमान में फ्री ट्रेड ज़ोन और कई बड़े बंदरगाह हैं, जिनमें सोहर पोर्ट, सलालाह पोर्ट, डुकम पोर्ट और मस्कट का पोर्ट सुल्तान कबूस शामिल हैं। ये सभी अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक मजबूत समुद्री नेटवर्क तैयार करते हैं, जो भारतीय निर्यातकों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है।




