पाॅजिटिव सोच ही दुख के निवारण की दवा-आचार्यश्री जिनमणिप्रभसूरीश्वर
खुश रहना है तो खुश रखना भी सीखें -खरतरगच्छाधिपति

वर्धमान तप ओली का शुभारम्भ आज होगा
25 दिवसीय सूरिमंत्र की साधना कुशल वाटिका में आज से प्रारम्भ होगी
बाड़़मेर 17 सितम्बर। कोटड़िया-नाहटा ग्राउण्ड स्थित सुधर्मा प्रवचन वाटिका में श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ चातुर्मास कमेटी के तत्वाधान में एवं खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्रीजिनमणिप्रभसूरीश्वर म.सा. की पावन निश्रा व बहिन म.सा. साध्वी डाॅ. विधुत्प्रभाश्री व श्रमण-श्रमणीवृन्द के पावन सानिध्य में चल रहे संघ शास्ता वर्षावास 2025 के दौरान बुधवार को आचार्यश्री धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि जीवन में सुख सबको चाहिए पर सुखी होने के लिए जो करना वो करना नही चाहता। जीवन में उर्जा का संचार होना भी एक कारण है नेगेटिव सोच के साथ रहोगे तो दुख ही आएगा। हर हाल में सोच का पाॅजीटिव रखिएं यदी दुख आया है तो स्थाई नही है। इसका समाधान केवल मात्र इतना है कि आप इसे पाॅजिटिव के साथ निकालिए। सोचे इससे अधिक दुख होता तो क्या होता ये तो कम है भगवान हमारें साथ है इसलिए दुख कम है। दुख को समाप्त करने के लिए भी भूतकाल को सोचकर वर्तमान सवारियें और वर्तमान सवार दिया तो भविष्य अपने आप सुखमय हो जाएगा। मनुष्य प्रवृति में सबसे बडी कमजोरी है कि वो रोज सुखी तो होना चाहता है मगर दुसरें को खुश नही देखना चाहता। आप अपनी ही तरह सोचे की आप किसी को दुख नही देंगे तो दुख आएगा भी नही। मदद को हाथ बढेगे तो मदद की हाथ भी सामने आएगे। गुरूवार को सूरिमंत्र की साधना का आगाज होगा।

चातुर्मास कमेटी के अध्यक्ष अशोक धारीवाल व मीडिया संयोजक कपिल मालू ने बताया कि खरतरगच्छ संघ में वर्धमान तप की ओली का शुभारम्भ आज होगा। बुधवार को तेले की आराधना पपूदेवी जगदीशचन्द धारीवाल व आयंबिल की आराधना सारीदेवी शेरमल श्रीश्रीमाल की रही।

दैनिक प्रवचनमाला में मेहमानों की कड़ी में खरतरगच्छ संघ दादावाड़ी ट्रस्ट अध्यक्ष रमेश बाफना हुबली, सचिव पुखराज कवाड़ हुबली, प्रकाशचन्द लूंकड़, लूणकरण वडेरा हुबली, गुंटूर से मेहरामचन्द हुण्डिया परिवार द्वारा उपासरे का मुहुर्त लेने पधारे, बाड़मेर जैन समाज समिति जोधपुर अध्यक्ष वेदमल मालू, चातुर्मास संयोजक मदनलाल छाजेड़ इन्द्रोई, मेवीलाल डूंगरवाल, ताराचन्द छाजेड़ इन्द्रोई, प्रभुलाल छाजेड़, अशोक जैन एससी,अशोक मीणा, सचिन भंसाली खेतिया, डाॅ. मोहनलाल डोसी,बाड़मेर जैन श्री संघ सूरत अध्यक्ष प्रकाशचन्द तातेेड़, मोहन रत्नेश बोहरा, अशोक मेहता उदयपुर, किशोर जालोरी उदयपुर, मुफतलाल मेहता सांचोर, सुखराज हुण्डिया गुंटूर, अशोक सिंघवी, सुनिल गोपावत, जेठमल सिंघवी, मंगलचन्द झाक इरोड़, उगालादेवी, मुकेश गोलेच्छा फलोदी, प्रेमप्रकाश पगारिया नीमच, सचिन भंसाली शाहजहांपुर, सम्पतराज मालू अहमदाबाद, जोधपुर से चैत्यपरिपाटी लाभार्थी ढेलीदेवी गोपचन्द सिंघवी परिवार, बाड़मेर जैन समाज समिति जोधपुर, केएमपी बाछड़ाउ, विधिकारक हेमन्त जैन, घेवरचन्द संखलेचा देवड़ा, सहित कई गुरूभक्त बाहरी राज्यों से गुरूदेव के दर्शन करने बाड़मेर पहुंचे, जिनका चातुर्मास कमेटी की ओर से बहुमान किया गया। खरतरगच्छ संघ हुबली के सचिव पुखराज कवाड़, मोहन रत्नेश बोहरा जोधपुर ने अपना उद्वबोधन दिया। प्रवचन के बाद संघ पूजन मेहरामचन्द हुण्डिया, चन्द्रसिंह, अशोककुमार, किशोरकुमार उदयपुर द्वारा किया गया।

सूरिमंत्र की 25 दिवस की तीसरी पीठिका का विधान आज प्रातः 06.25 बजे कुशल वाटिका उपासरे से दर्शन के बाद, पीठिका साधना कक्ष में कुंभ स्थापना, दीप स्थापना, क्षेत्रपाल पूजन, नवग्रह पूजन, दस दिग्गपाल पूजन, अष्टमंगल पूजन, गुरू पादुका पूजन, तिलक, प्रतिमा वोहराना सहित कई अनुष्ठानों के साथ साधना प्रारम्भ होगी, मूलनायक परमात्मा प्रतिष्ठित होंगे, जिसका सम्पूर्ण लाभ कांतिमणिभक्त परिवार द्वारा लिया गया है। आज से प्रवचन माला निरंतर 09.15 बजे से 10.15 बजे तक रहेगा। सूरिमंत्र साधना की समापन पर 12 अक्टूबर को 05.00 बजे हवन के साथ सम्पन्न होगी, इसके बाद 12 अक्टूबर को कोटड़िया नाहटा ग्राउण्ड में महामांगलिक होगी




