अन्न और मन का सीधा कनेक्शन-श्रीजिनमणिप्रभसूरीश्वर
एक हजार से अधिक बच्चों ने खेल खेल में सीखा धर्म का मार्ग क्या

फन फेयर में बच्चों ने सिखे धर्म के कायदे
बाड़़मेर 08 सितम्बर। कोटड़िया-नाहटा ग्राउण्ड स्थित सुधर्मा प्रवचन वाटिका में जिनकान्तिसागरसूरीश्वर फन फेेयर प्रर्दशनी का शुभारम्भ खरतरगच्छाधिपति आचार्य जिनमणिप्रभसूरीश्वर म.सा. ने किया। चातुर्मास कमेटी के अध्यक्ष अशोक धारीवाल व मीडिया संयोजक कपिल मालू ने बताया कि फन फेयर में अभक्षय भोजन एवं जैन धर्म में किस वस्तु का उपयोग किस आधार पर किया जाए इसको लेकर बच्चों के लिए फेयर का आयोजन खरतरगच्छ महिला परिषद केएमपी द्वारा किया।

फेयर के शुभारंभ के अवसर पर आचार्य श्री ने कहा कि आपके बडे- बुर्जुग कह गए है कि जैसा खाओंगे अन्न वैसा होगा मन। ये बात आज भी यर्थाथ है इसलिए जैन धर्म में अभक्ष भोजन का त्याग बताया गया। मुनि मधुरप्रभसागरजी म.सा. की युवा सोच के चलते इसे फेयर का नाम देकर आधुनिक बनाया गया। जिससें बच्चों में इसे देखने को लेकर रूचि जगे। आचार्यश्री ने कहा कि हमारा खान-पान हमारें दैनिक जीवन में बहुत मायनंे रखता है। अन्न हमारें व्यवहार को भी दर्शाता है। केएमपी की अध्यक्ष सरिता जैन ने फेयर की जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों में अपने खान-पान को लेकर जागरूकता आए इसलिए इस फेयर का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि फेयर में बच्चों को गेम्स के माध्यम से जैन धर्म में होने वाली क्रियाओं एवं नियमों की जानकारी दी गई। जैन बताती है कि बच्चों को खेल अच्छे लगते है इसलिए इस फेयर का उस हिसाब से डिजाइन किया गया था। फेयर मंे करीब एक हजार से अधिक बच्चों ने भाग लिया। इस आयोजन को लेकर 100 से अधिक नारी शक्ति ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई।




