हर वर्ष खाड़ीपुर की समस्या से जूझ रहे क्षेत्रों के लिए स्थायी समाधान की मांग
10 से अधिक सोसायटियों के पदाधिकारियों और रहवासियों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; मिठी खाड़ी को मूल स्वरूप में बहाल करने और अवैध रेत खनन रोकने की मांग

सूरत। वर्षों से हर मानसून में खाड़ीपुर (जलभराव) की समस्या झेल रहे लिम्बायत और आसपास के क्षेत्रों के रहवासियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आया है। बुधवार को 10 से अधिक आवासीय सोसायटियों के पदाधिकारियों एवं स्थानीय रहवासियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर खाड़ीपुर की समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए तत्काल प्रभाव से ठोस कार्रवाई की मांग की।
विरोध प्रदर्शन के दौरान रहवासियों ने कहा कि वर्षों से लगातार शिकायतें और प्रस्तुतियां देने के बावजूद केवल अस्थायी उपाय किए जाते हैं, जिससे हर वर्ष हजारों परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ज्ञापन में बताया गया कि मिठी खाड़ी का प्राकृतिक प्रवाह कई स्थानों पर संकरा हो गया है, जिसके कारण वर्षा का पानी समय पर नहीं निकल पाता। परिणामस्वरूप भारी बारिश के दौरान लिम्बायत सहित आसपास के निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो जाती है और लोगों के घरों व आवासीय क्षेत्रों में पानी भर जाता है।
रहवासियों ने मांग की कि मिठी खाड़ी को उसके मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित किया जाए, सभी अतिक्रमण हटाए जाएं, नियमित सफाई और गहरीकरण कराया जाए तथा वर्षा जल निकासी के लिए वैज्ञानिक योजना तैयार कर प्रभावी ढंग से लागू की जाए।
ज्ञापन में खाड़ी क्षेत्र में हो रहे अवैध रेत खनन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन से खाड़ी का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित हो रहा है, जिससे जलनिकासी व्यवस्था और अधिक खराब होती जा रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि अवैध रेत खनन में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और खाड़ीपुर की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।




