
जमाई को रुपये पहुंचाने के बहाने मार्बल व्यापारी को बनाया शिकार, ऊपर-नीचे असली नोट और बीच में कागज निकले
सूरत। सूरत के एक मार्बल व्यापारी के साथ 40 लाख रुपये की सुनियोजित ठगी का मामला सामने आया है। बेंगलुरु में व्यापारी के जमाई को नकदी पहुंचाने के नाम पर ठग गिरोह ने ऐसा जाल बिछाया कि वहां कागज से भरी गड्डियां थमा दीं और इधर सूरत में असली 40 लाख रुपये ले उड़े। इस घटना के बाद व्यापारी के होश उड़ गए और आखिरकार महीधरपुरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।
पुलिस के अनुसार, अडाजन के उपवन रो-हाउस निवासी महेंद्र बाबूलाल शाह, लसकाणा बस स्टेशन के पास सनराइज ग्रेनाइट के नाम से मार्बल का कारोबार करते हैं। मई महीने में उनके जमाई राहुल कैलाशचंद्र जैन, जो बेंगलुरु में रहते हैं, सूरत आए थे। प्लॉट खरीदने के इरादे से वे 40 लाख रुपये साथ लाए थे, लेकिन सौदा नहीं होने के कारण वापस लौट गए। जल्दबाजी में 40 लाख रुपये सूरत में ही रह गए, जिन्हें वापस बेंगलुरु भेजने के लिए महेंद्र शाह ने आंगड़िया के जरिए रकम पहुंचाने का निर्णय लिया।
इसी दौरान उनके परिचित कमलेशभाई के जरिए एक कथित आंगड़िया संचालक से संपर्क हुआ। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि बेंगलुरु में उनके लोग राहुल जैन को 40 लाख रुपये पहुंचा देंगे और उसके बाद ही सूरत से रकम ली जाएगी। इसके लिए उसने पहचान के तौर पर 10 रुपये के नोट की तस्वीर व्हाट्सऐप पर भेजी और कहा कि यही नोट दिखाने पर बेंगलुरु में रुपये मिल जाएंगे।
योजना के मुताबिक राहुल जैन को बेंगलुरु के चिकपेट रोड स्थित मेट्रो प्लाजा के पास बुलाया गया, जहां दो लोगों ने उन्हें पांच-पांच लाख रुपये के कुल आठ बंडल सौंपे। सार्वजनिक जगह पर रकम गिनने में जोखिम बताकर दोनों वहां से निकल गए। राहुल जैन ने बिना जांच किए सूरत फोन कर दिया कि रुपये मिल गए हैं। इसके बाद महेंद्र शाह ने अपनी पत्नी और परिचितों के साथ महिधरपुरा क्षेत्र में बताए गए व्यक्ति को 40 लाख रुपये नकद सौंप दिए।
लेकिन कुछ ही देर बाद बेंगलुरु में जब बंडल खोले गए तो उनमें केवल ऊपर और नीचे असली नोट थे, जबकि बीच में कागज की गड्डियां भरी हुई थीं। ठगी का एहसास होते ही व्यापारी परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। फिलहाल महीधरपुरा पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।




