
सूरत। शहर के कपड़ा व्यापारियों के साथ करीब 59.69 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार व्यापारी अशोक तेजराज जैन की जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी है। अदालत ने फरियादी पक्ष के शपथपत्र, जांच अधिकारी की रिपोर्ट और सरकारी वकील की मजबूत दलीलों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सुनाया।
मामले की जानकारी के अनुसार, उधना-मगदल्ला रोड स्थित स्वामी इंडस्ट्रियल सोसायटी में ‘सनशाइन टैक्स क्रिएशन’ नाम से व्यापार करने वाले राजेश सुभाषचंद्र बारडोलिया से जुलाई 2023 में अशोक जैन ने संपर्क किया था। अशोक ने खुद को एक प्रतिष्ठित और भरोसेमंद कपड़ा दलाल व व्यापारी बताकर विश्वास में लिया था। इसके बाद उसने अपने और अन्य व्यापारियों के नाम पर कुल 59.69 लाख रुपये का कपड़े का माल खरीदा, लेकिन तय समय सीमा में भुगतान नहीं किया।
खुद के साथ ठगी होने का अहसास होने पर पीड़ित व्यापारी ने खटोदरा पुलिस थाना में विश्वासघात और धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील भरतसिंह एन. चावड़ा और फरियादी पक्ष के अधिवक्ता निमेष पी. दलाल ने आरोपी की जमानत का कड़ा विरोध किया। अदालत में दलील दी गई कि आरोपी आदतन अपराधी है और उसे जमानत मिलने पर जांच प्रभावित हो सकती है।
जांच में सामने आया कि अशोक जैन के खिलाफ पहले से ही धोखाधड़ी के पांच मामले दर्ज हैं। आरोपी के आपराधिक इतिहास को ध्यान में रखते हुए सत्र न्यायालय ने उसे राहत देने से इनकार कर दिया।



