
सूरत। मध्यप्रदेश से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के विरोध में बुधवार को सूरत जिला कांग्रेस समिति और राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के नेतृत्व में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक और भेदभावपूर्ण बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा न्यायपूर्ण निर्णय लेने की मांग की।
बुधवार, 24 जून 2026 को शाम 4 बजे आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधिमंडल सूरत शहर कलेक्टर कार्यालय पहुंचा और अपना विरोध दर्ज कराया। ज्ञापन में कहा गया कि चुनाव आयोग द्वारा मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने का फैसला लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और इससे राजनीतिक निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि पूरे मामले की दोबारा समीक्षा कर उचित कार्रवाई की जाए।
इस अवसर पर दिनेशभाई सावल्या, सुरेशभाई सुहागिया, सूरत शहर कांग्रेस के उपाध्यक्ष हरीशभाई सूर्यवंशी, संतोषभाई पाटिल, किशोरभाई बोराड, द्वारकादास रूदाणी, दिनेशभाई पीठाडिया, डॉ. प्रीति बेन सतासिया और हरीशभाई गुर्जर सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से प्रशासन के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराते हुए उन्होंने इस प्रकरण में न्यायसंगत और पारदर्शी निर्णय की मांग की है।




