
सूरत। दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) के आगामी अध्यक्ष पद के लिए वर्तमान उपाध्यक्ष अशोक जीरावाला को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि के दिन अध्यक्ष पद के लिए केवल एक ही नामांकन प्राप्त होने पर चुनाव अधिकारी विजय मेवावाला ने उनके निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की।
चैंबर की परंपरा के अनुसार उपाध्यक्ष ही अगले अध्यक्ष का पद संभालता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अशोक जीरावाला ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया और कोई अन्य उम्मीदवार मैदान में नहीं आने से उनका निर्विरोध चयन तय हो गया।
अशोक जीरावाला को चैंबर के नए अधयक्ष चुने जाने वपर चुनाव अधिकारी, वर्तमान अध्यक्ष एवं समर्थकों ने शुभेच्छा दी।
वहीं, उपाध्यक्ष पद के लिए मुकाबला रोचक बन गया है। इस पद के लिए कुल छह उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। इनमें सीए मितेश मोदी, रविराज देसाई, भरत वानावाला, मनीष कापड़िया, नितिन भरूचा और बिजल जरीवाला शामिल हैं।
चुनाव अधिकारी विजय मेवावाला ने जानकारी देते हुए बताया कि उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव 24 मई, रविवार को आयोजित किया जाएगा। हालांकि, चैंबर के नियमों के अनुसार मतदान से एक दिन पहले तक उम्मीदवार अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में संभावित समझौते और नाम वापसी को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, चैंबर की राजनीति में इस समय बैठकों और लॉबिंग का दौर चरम पर है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर चुनावी मैदान में कौन-कौन उम्मीदवार अंत तक बने रहते हैं और क्या मतदान से पहले कोई सहमति बन पाती है।
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वेल्थ एक्सपो 2026’ का शुभारंभ, निवेश और फाइनेंशियल ग्रोथ का बना बड़ा मंच
एसजीसीसीआई और जीतो की पहल से सरसाना में तीन दिवसीय मेगा इवेंट शुरू, देश के दिग्गज निवेशकों ने लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट और भारत की ग्रोथ स्टोरी पर रखा जोर
सूरत। दक्षिण गुजरात के उद्योगपतियों, निवेशकों और फाइनेंशियल सेक्टर से जुड़े लोगों के लिए सरसाना स्थित सूरत इंटरनेशनल एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (एसआईईसीसी) में शुक्रवार से ‘वेल्थ एक्सपो 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ।
‘द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री’ (एसजीसीसीआई) और ‘जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन’ (जीतो) सूरत की संयुक्त पहल से आयोजित इस तीन दिवसीय मेगा इवेंट का उद्घाटन देश के प्रसिद्ध निवेशक और अबैकस एसेट मैनेजमेंट के फाउंडर सुनील सिंघानिया ने किया।
उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में उद्योगपति, निवेशक, फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स और चैंबर के पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान फाइनेंशियल मैनेजमेंट, निवेश के नए अवसरों, इक्विटी मार्केट, AIF और भारत की आर्थिक संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
चैंबर के अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने स्वागत भाषण में कहा कि ‘वेल्थ एक्सपो 2026’ उनका एक व्यक्तिगत सपना था, जिसे अब साकार रूप मिला है। उन्होंने बताया कि सूरत के अलावा अहमदाबाद, मुंबई और जयपुर जैसे शहरों से भी इस आयोजन को शानदार प्रतिसाद मिला है।
उन्होंने सूरत की व्यावसायिक क्षमता और संघर्षशीलता की सराहना करते हुए कहा कि यह शहर हर चुनौती के बाद और अधिक मजबूती से उभरता है।
जीतो सूरत के अध्यक्ष और जैनम ब्रोकिंग के फाउंडर मिलन परिख ने कहा कि वर्तमान दौर में केवल कमाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही वित्तीय योजना और समझदारी से निवेश करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। उन्होंने कहा कि यह एक्सपो निवेशकों और उद्यमियों के लिए वित्तीय जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
कार्यक्रम के दौरान ‘वेल्थ एक्सपो 2027’ का भी कर्टेन रेजर प्रस्तुत किया गया। आयोजकों ने घोषणा की कि अगले वर्ष यह एक्सपो 12 से 14 मार्च 2027 के बीच आयोजित किया जाएगा और उसकी एडवांस बुकिंग शुरू कर दी गई है।
पहले दिन मेहता वेल्थ के क्रुणाल मेहता के साथ आयोजित रैपिड फायर सत्र में सुनील सिंघानिया ने निवेशकों से सीधे संवाद किया। उन्होंने कहा कि सूरत के लोग व्यापार और निवेश के मामले में हमेशा सक्रिय और जागरूक रहते हैं।
उन्होंने लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट को वेल्थ क्रिएशन की सबसे मजबूत रणनीति बताते हुए कहा कि बढ़ती अर्थव्यवस्था में इक्विटी सबसे बेहतर रिटर्न देती है, जबकि ट्रेडिंग केवल रोमांच देती है।
सुनील सिंघानिया ने भारत को दुनिया की सबसे स्थिर नेतृत्व वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक बताते हुए सेमीकंडक्टर, मेटल और फार्मा सेक्टर में आने वाले समय में बड़े अवसरों की संभावना जताई। उन्होंने निवेशकों को भारत की ग्रोथ स्टोरी पर भरोसा रखने और एसेट एलोकेशन को समझदारी से अपनाने की सलाह दी।
कार्यक्रम में जियो-पॉलिटिकल एक्सपर्ट करण दत्ता, मोटिवेशनल स्पीकर एवं उद्योगपति पद्मश्री सावजीभाई ढोलकिया सहित कई प्रमुख वक्ताओं ने भी निवेशकों को मार्गदर्शन दिया। समारोह में चैंबर के पूर्व अध्यक्षों, विभिन्न वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों और उद्योग जगत की कई प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति रही।




