
सूरत। सूरत शहर के अलग-अलग तीन पुलिस थानों में दर्ज कुल ढाई करोड़ रुपये की ठगी के चार गंभीर मामलों में पिछले चार वर्षों से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को सूरत क्राइम ब्रांच ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है।
क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2022 में आरोपी मुकेश अग्रवाल ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर सारोली क्षेत्र में “श्री श्याम एंटरप्राइज” और “श्री राजघराना इम्पेक्स” नाम से दो फर्जी फर्म शुरू की थीं। आरोपियों ने स्थानीय व्यापारियों का विश्वास जीतकर खटोदरा, पांडेसरा और पूणा पुलिस थाना क्षेत्र के चार व्यापारियों से करीब ढाई करोड़ रुपये मूल्य की साड़ियों का माल खरीदा था।
माल प्राप्त करने के बाद आरोपियों ने व्यापारियों को भुगतान नहीं किया और रातोंरात अपनी दोनों दुकानें बंद कर फरार हो गए। मामले की जांच के दौरान पांडेसरा पुलिस स्टेशन में दर्ज प्रकरण में नामदार अदालत द्वारा आरोपी के विरुद्ध सीआरपीसी की धारा 70 के तहत गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी से बचने के लिए मुकेश अग्रवाल लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और पहचान छिपाने के उद्देश्य से अन्य लोगों के नाम पर लिए गए सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रहा था, जिससे उसका लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो गया था।
इस बीच क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि आरोपी कोलकाता के बड़ा बाजार क्षेत्र में कपड़े का कारोबार कर रहा है। सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम तत्काल कोलकाता रवाना की गई और वहां से आरोपी मुकेश सुरेश अग्रवाल (उम्र 37 वर्ष) को उसके वर्तमान निवास ड्रीम रेजिडेंसी, मनोर, राजारहाट मेन रोड, सलुआ बाजार, कोलकाता, पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया गया।
गौरतलब है कि आरोपी का मूल निवास मॉडल टाउन रेजिडेंसी, सारोली, सूरत बताया गया है। क्राइम ब्रांच ने आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है तथा आगे की जांच और आवश्यक प्रक्रिया के लिए उसे खटोदरा, पांडेसरा और पूणा पुलिस स्टेशनों को सौंपने की तैयारी की जा रही है।



