
सूरत। लिंबायत क्षेत्र स्थित चांसी ट्रेंड्ज़ नामक गारमेंट फर्म के साथ 1.46 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में ई-कार्ट और फ्लिपकार्ट लॉजिस्टिक्स के डिलीवरी विभाग के कर्मचारियों द्वारा रिटर्न किए गए पार्सलों को हड़पकर बेच देने का खुलासा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, वडाछा रोड स्थित तपसील सोसायटी के पीछे ग्रीन पार्क सोसायटी निवासी रूपेशभाई देसाई लिंबायत फायर स्टेशन के पास नारायण नगर-2 में चांसी ट्रेंड्ज़ नाम से ड्रेस, चनिया-चोली, गाउन और साड़ियों का निर्माण एवं ऑनलाइन-ऑफलाइन व्यापार करते हैं। उनका मिंत्रा डिज़ाइन प्रा. लि. के साथ ऑनलाइन बिक्री का करार है, जिसके तहत प्राप्त ऑर्डरों का माल ई-कार्ट और फ्लिपकार्ट लॉजिस्टिक्स के कर्मचारी उठाकर ले जाते हैं तथा रिटर्न होने पर वापस पहुंचाते हैं।
स्टॉक में लगातार कमी पाए जाने पर सितंबर 2023 से नवंबर 2025 तक का रिकॉर्ड जांचा गया। जांच में कुल 1 करोड़ 46 लाख 45 हजार 919 रुपये मूल्य का गारमेंट माल जमा नहीं होने का खुलासा हुआ। आगे की जांच में पता चला कि रिटर्न हुए पार्सलों को ग्राहकों से वापस लेने के बाद संबंधित कर्मचारियों ने व्यापारी को लौटाने के बजाय अन्य लोगों को बेच दिया था।
इस संबंध में रूपेशभाई देसाई ने 5 फरवरी 2026 को लिंबायत पुलिस थाने में ई-कार्ट लॉजिस्टिक्स के टीम लीडर मनोज सौदाणे, पिकअप बॉय पंकज तथा फ्लिपकार्ट लॉजिस्टिक्स के सुपरवाइजर पवन पांडे, टीम लीडर निलेश पांडे, पिकअप बॉय साहिल सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 316(2), 318(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कराया था।
मामले की जांच कर रहे पीएसआई जी.वी. दिहोरा ने इससे पहले मनोज सौदाणे, साहिल शाह और अजरुद्दीन पिंजारी को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने अब फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों निलेश जगन्नाथ पांडे (31) और पवनकुमार मनजीभाई पांडे (22) को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस का मानना है कि मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं तथा धोखाधड़ी में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।



