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पेट्रोल-डीजल की किल्लत से सूरत के आधे पेट्रोल पंप बंद, वाहनों की लगी लंबी कतारें

पर्याप्त ईंधन आपूर्ति की मांग को लेकर साउथ गुजरात पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने प्रशासन से की शिकायत

पेट्रोल-डीजल की कमी गहराने लगी है। पिछले दो-तीन दिनों से पर्याप्त सप्लाई नहीं मिलने के कारण शहर और जिले के करीब आधे पेट्रोल पंपों पर “पेट्रोल नहीं है” के बोर्ड लगाकर बिक्री बंद करनी पड़ी है। इसके चलते बचे हुए पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
जानकारी के अनुसार, निजी पेट्रोलियम कंपनियों, खासकर नायरा के पेट्रोल और डीजल के दाम सरकारी कंपनियों की तुलना में अधिक होने से बड़ी संख्या में ग्राहक इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के पेट्रोल पंपों पर ईंधन भरवा रहे हैं। निजी कंपनियों के पेट्रोल में करीब 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में लगभग 3 रुपये प्रति लीटर का अंतर होने के कारण सरकारी पंपों पर दबाव लगातार बढ़ गया है।


इसी बढ़ती मांग के बीच सरकारी तेल कंपनियों द्वारा पेट्रोल पंपों को पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। नतीजतन कई पेट्रोल पंपों का स्टॉक खत्म हो गया और उन्हें अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।
स्थिति गंभीर होने पर साउथ गुजरात पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने जिला आपूर्ति अधिकारी को ज्ञापन देकर पेट्रोल-डीजल की नियमित और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। मामले को लेकर जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। बताया जा रहा है कि सूरत कलेक्टर ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को बुलाकर पूरी स्थिति की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए हैं।
वहीं, जिला आपूर्ति विभाग ने सभी मामलतदारों से उनके क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों के स्टॉक की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है, ताकि ईंधन संकट की वास्तविक स्थिति सके.

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