72 आईएएस अधिकारियों के तबादले, तेजश परमार बने सूरत के नए कलेक्टर
डॉ. सौरभ पारधी का तबादला, अब संभालेंगे सिविल सप्लाई विभाग के डायरेक्टर का पद

गांधीनगर/सूरत। गुजरात सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने बुधवार तड़के राज्यभर में बड़े पैमाने पर आईएएस अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए। कुल 72 आईएएस अधिकारियों की बदली की गई है। इनमें कई जिला कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल में सबसे अहम बदलाव सूरत जिले में हुआ है। सूरत के कलेक्टर डॉ. सौरभ पारधी का तबादला कर उन्हें सिविल सप्लाई विभाग का डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। उनकी जगह तेजश परमार को सूरत का नया कलेक्टर बनाया गया है।
राज्य सरकार के इस फैसले को स्थानीय निकाय चुनावों के बाद प्रशासनिक व्यवस्था को नए सिरे से मजबूत करने की रणनीति माना जा रहा है। हाल ही में बनी नई नगरपालिकाओं और महानगरपालिकाओं में भी बड़े स्तर पर बदलाव किए गए हैं। 9 नई महानगरपालिकाओं में से 8 के म्युनिसिपल कमिश्नरों की बदली कर नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। केवल पोरबंदर मनपा के कमिश्नर को यथावत रखा गया है।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि अब स्थानीय निकायों में नई प्रशासनिक टीम के साथ मेयर और पदाधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अगले दो दिनों में नए कमिश्नर पदभार संभालेंगे, जिसके बाद नई निर्वाचित विंग की घोषणा की जाएगी।
जारी आदेश के अनुसार, जामनगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के कमिश्नर डी.एन. मोदी को गांधीनगर विकास आयुक्त बनाया गया है। वहीं अहमदाबाद कलेक्टर सुजीत कुमार को स्टेट टैक्स विभाग में स्पेशल कमिश्नर नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा भरूच कलेक्टर गौरांग मकवाणा को गुजरात एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (GEDA) का डायरेक्टर बनाया गया है। नर्मदा-राजपीपला के कलेक्टर संजय मोदी को गुजरात स्टेट ट्राइबल डेवलपमेंट रेजिडेंशियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन सोसायटी (GSTDREIS) का एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं मोरबी कलेक्टर किरण झवेरी को नडियाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का कमिश्नर बनाया गया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव केवल नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि चुनावों के बाद नई प्रशासनिक संरचना तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। हाल ही में कई कलेक्टरों को प्रमोशन दिया गया था, लेकिन चुनाव प्रक्रिया के चलते तबादले रोके गए थे। अब चुनाव संपन्न होने के बाद प्रमोट हुए अधिकारियों को महत्वपूर्ण विभागों और सचिवालय में जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
सरकार का फोकस अब जिला प्रशासन के साथ-साथ नीतिगत और विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी है, जिसके चलते अनुभवी अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर तैनात किया गया है।




