सूरत मनपा में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बावजूद बोर्ड गठन में देरी
गजट अधिसूचना जारी होने के बाद ही होगी पहली बैठक, नया बोर्ड बनने में लग सकते हैं 10–15 दिन

सूरत। सूरत नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 115 सीटें जीतकर ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया है और मनपा की सत्ता में उसकी वापसी तय हो चुकी है, लेकिन आधिकारिक रूप से नया बोर्ड बनने के लिए अभी करीब 10 से 15 दिन का इंतजार करना पड़ सकता है। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद बोर्ड गठन की प्रक्रिया राज्य सरकार की गजट अधिसूचना पर निर्भर रहती है, जिसके पूर्ण होने के बाद ही नई प्रशासनिक कार्यवाही शुरू होती है।
जानकारी के अनुसार, चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट द्वारा आधिकारिक गजट प्रकाशित किया जाता है। गजट जारी होने के पश्चात दस्तावेज नगर आयुक्त कार्यालय को भेजा जाता है, जहां से आगे की प्रक्रिया शुरू होती है। इसके बाद नगर निगम सचिव संबंधित पार्टी नेतृत्व को सूचना देता है और बहुमत हासिल करने वाली पार्टी द्वारा बोर्ड गठन की तारीख तय कर पहली सामान्य सभा आयोजित की जाती है।
इस बार गजट प्रक्रिया में अपेक्षाकृत अधिक समय लगने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि नगर निगम चुनावों के साथ जिला पंचायत और तालुका पंचायत के परिणाम भी एक साथ घोषित हुए हैं। ऐसे में सभी स्थानीय निकायों के लिए संयुक्त रूप से गजट जारी किए जाने की संभावना है, जिसके कारण प्रशासनिक प्रक्रिया में कुछ विलंब हो सकता है।
पिछले चुनावों के अनुभव के अनुसार वर्ष 2021 में परिणाम घोषित होने के लगभग 10 दिन बाद गजट जारी हुआ था और उसके पश्चात ही नगर निगम की पहली बैठक आयोजित की गई थी। इसी आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार भी नया बोर्ड बनने में 10 से 15 दिन का समय लग सकता है।
हालांकि शहर में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद मेयर, डिप्टी मेयर तथा स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन के नामों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं, लेकिन इन पदों पर अंतिम निर्णय कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही संभव होगा। फिलहाल शहर की जनता और राजनीतिक हलकों की नजरें गजट अधिसूचना जारी होने और नए बोर्ड गठन की तारीख पर टिकी हुई हैं।




