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शहरभर में भाजपा का बूथ लेवल माइक्रो प्लानिंग, ‘आप’ ने 12 से 15 वार्डों पर किया फोकस

दो वार्डों को छोड़ कांग्रेस चुनावी मैदान में कमजोर, अधिकतम मतदान के लिए भाजपा ने पेज कमेटियों को सौंपी जिम्मेदारी

uसूरत। नगर निगम चुनाव के मतदान से पहले शहर में राजनीतिक दलों की चुनावी रणनीति अब बूथ स्तर तक पहुंच गई है। भाजपा द्वारा शहरभर में बूथ लेवल माइक्रो प्लानिंग के तहत व्यापक तैयारी की गई है, जिसका लाभ मतदान के दिन पार्टी को मिलने की संभावना जताई जा रही है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सी.आर. पाटिल के कार्यकाल में गठित पेज कमेटियों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए भाजपा ने सभी वार्डों में विशेष प्रबंधन किया है।
अब तक पाटीदार बहुल क्षेत्रों में ही भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच चुनावी माहौल अधिक दिखाई दे रहा था, लेकिन पिछले दो दिनों में शहर भाजपा के नेताओं और विधायकों की सक्रियता बढ़ने से निष्क्रिय कार्यकर्ता भी मैदान में उतर गए हैं। इससे मतदान के दौरान भाजपा संगठनात्मक रूप से मजबूत स्थिति में नजर आ रही है।
भाजपा द्वारा प्रत्येक वार्ड के हर बूथ तक पहुंचकर मतदाता सूचियां मतदाताओं तक पहुंचाई गई हैं तथा पेज कमेटी स्तर तक जिम्मेदारियां कार्यकर्ताओं को सौंपी गई हैं। बड़ी संख्या में सक्रिय कार्यकर्ताओं के कारण पार्टी बूथ मैनेजमेंट को व्यवस्थित रूप से संचालित करने में सफल रही है।
दूसरी ओर कांग्रेस शहर की चुनावी तस्वीर में लगभग गायब नजर आ रही है। वॉर्ड नंबर 12 और वॉर्ड नंबर 19 को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में कांग्रेस उम्मीदवारों द्वारा प्रभावी प्रचार दिखाई नहीं दिया।
हालांकि आम आदमी पार्टी की स्थिति कांग्रेस की तुलना में बेहतर मानी जा रही है, लेकिन पूरे शहर में बूथ लेवल मैनेजमेंट अभी भी पार्टी के लिए चुनौती बना हुआ है। ‘आप’ ने भले ही 114 उम्मीदवार मैदान में उतारे हों, परंतु संगठन की रणनीति फिलहाल केवल 12 से 15 वार्डों पर केंद्रित दिखाई दे रही है। पूरे शहर में राजनीतिक आधार मजबूत करने के उद्देश्य से पार्टी ने इन चुनिंदा वार्डों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है, जहां से बेहतर परिणाम की उम्मीद जताई जा रही है।

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