
नई दिल्ली, 22 अप्रैल। डिजिटल भुगतान करने वाले ग्राहकोंके लिए महत्वपूर्ण खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 21 अप्रैल को ई-मैन्डेट (E-Mandate) और डिजिटल पेमेंट को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है।
नए नियम के अनुसार, अब ₹15,000 या उससे अधिक के ऑटोमैटिक (रिकरिंग) भुगतान पर अतिरिक्त प्रमाणीकरण (AFA) अनिवार्य कर दिया गया है। यह नियम क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और UPI के माध्यम से होने वाले सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय लेन-देन पर तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
RBI के निर्देशों के मुताबिक, यदि कोई भुगतान ₹15,000 से अधिक है और वह हर महीने या तय समय पर अपने आप कटता है—जैसे कि किसी सब्सक्रिप्शन का शुल्क—तो उसे पूरा करने के लिए ग्राहक को OTP या PIN के माध्यम से अतिरिक्त सत्यापन करना होगा।
इसके अलावा, बीमा प्रीमियम, म्यूचुअल फंड की किश्तें और ₹1 लाख से अधिक के क्रेडिट कार्ड बिल के भुगतान पर भी यह अतिरिक्त सुरक्षा प्रक्रिया लागू होगी।
RBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि ई-मैन्डेट सुविधा शुरू करने के लिए ग्राहकों को पहले एक बार पंजीकरण कराना होगा। बैंक की प्रक्रिया पूरी होने और अतिरिक्त प्रमाणीकरण (AFA) सफल होने के बाद ही ई-मैन्डेट सक्रिय किया जाएगा।
खास बात यह है कि इस मैन्डेट के तहत पहला भुगतान भी सत्यापन के बाद ही होगा। ई-मैन्डेट की एक निश्चित वैधता अवधि होगी, और ग्राहक अपनी सुविधा अनुसार इसमें बदलाव या इसे कभी भी रद्द कर सकते हैं।
बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे पंजीकरण के समय ग्राहकों को इस सुविधा की पूरी जानकारी दें। ग्राहक फिक्स या परिवर्तनीय राशि दोनों के लिए ई-मैन्डेट सेट कर सकते हैं और अधिकतम सीमा भी स्वयं तय कर सकते हैं।



