सूरत में सिंधी समाज ने मनाया ‘सिंधी भाषा मान्यता दिवस’
घरों में मातृभाषा के बढ़ते महत्व पर जोर, अलग सिंधी राज्य के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी चला

सूरत। सिंधी भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने की स्मृति में शुक्रवार 10 अप्रैल को सूरत में सिंधी समाज द्वारा ‘सिंधी भाषा मान्यता दिवस’ उत्साहपूर्वक मनाया गया। पूज्य सूरत सिंधी पंचायत एवं भारतीय सिंधु सभा के संयुक्त तत्वावधान में नानपुरा स्थित पंचायत भवन में आयोजित कार्यक्रम में समाज के अग्रणियों ने सिंधी भाषा के घटते उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए घर-घर में मातृभाषा, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान प्रार्थना, ध्येय गीत, सिंधी क्लासेस की जानकारी तथा ‘सिंधु दर्शन यात्रा’ के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही देशभर में बसे एक करोड़ से अधिक सिंधियों के लिए अलग राज्य की मांग के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। इस अवसर पर वासुदेव गोपलाणी, नानकराम अटलाणी, भगवानदास, घनश्याम खट्टर, सुंदर आहूजा, भगवानदास भागचंदाणी, त्रिलोक थदानी, हरीशभाई टेवाणी, रणजीत चंदनाणी, प्रकाश रिजवाणी, लीलाराम आहूजा, प्रताप गोपलाणी, मयूर होतवाणी, श्याम माधवाणी, मदनभाई, विष्णुभाई, सोनिया, पलक, सुनीताबेन, तरुणा और किशोर गिरगलाणी सहित समाज के अनेक अग्रणी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन गोवर्धन छताणी ने किया और सभी ने भाषा संरक्षण का संकल्प लिया।


