उद्योगों को गैस सप्लाई और कारीगरों को सिलेंडर उपलब्ध कराने को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित

सूरत: उद्योगों को निरंतर गैस सप्लाई उपलब्ध कराने तथा कारीगरों को आसानी से गैस सिलेंडर उपलब्ध हो सके, इस उद्देश्य से शनिवार 4 अप्रैल 2026 को सुबह 10:30 बजे अठवा लाइंस स्थित सर्किट हाउस में गुजरात गैस की मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीमती अवंतिका सिंह (IAS) की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लेकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
इस बैठक में द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष निखिल मद्रासी, उपाध्यक्ष अशोक जीरावाला, तत्कालीन पूर्व अध्यक्ष विजय मेवावाला, मानद कोषाध्यक्ष सीए मितीष मोदी, पूर्व अध्यक्ष आशीष गुजराती, सदस्य अतुल पटेल, सचिव पॉलिक देसाई, साउथ गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन के डायरेक्टर विनोद अग्रवाल सहित अनेक उद्योगकार, गुजरात गैस के वरिष्ठ अधिकारी तथा जिला आपूर्ति अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जिला आपूर्ति अधिकारी ने जानकारी दी कि एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल के सभी डीलरों द्वारा 5 किलो और 3 किलो के गैस सिलेंडरों की सप्लाई शुरू कर दी गई है। औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कारीगरों को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए संबंधित इकाइयों को अपने लेटरहेड पर कारीगर का नाम और आधार कार्ड की प्रति संलग्न कर नजदीकी गैस सप्लायर को आवेदन करना होगा। उपलब्ध स्टॉक के अनुसार सिलेंडर की आपूर्ति की जाएगी तथा सिलेंडरों का रिप्लेसमेंट भी किया जाएगा। यह व्यवस्था कारीगरों के पलायन को रोकने के उद्देश्य से लागू की गई है।
बैठक में यह भी बताया गया कि पीएनजी पाइपलाइन कनेक्शन की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए पहले के 45 दिनों की अवधि को घटाकर मात्र 7 दिन कर दिया गया है। जिन औद्योगिक क्षेत्रों में गैस लाइन उपलब्ध नहीं है, उनकी जानकारी चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा गुजरात गैस को भेजी जाएगी। चैंबर उद्योग संघों और गुजरात गैस के बीच समन्वय स्थापित करने में सक्रिय भूमिका निभाएगा।
चैंबर अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में चैंबर सरकार के साथ खड़ा है और उद्योगों, प्रशासन तथा गुजरात गैस के बीच सेतु बनकर कार्य करेगा। वहीं उपाध्यक्ष अशोक जीरावाला ने साचिन, पलसाणा, पांडेसरा, किम-पीपोदरा, सायन और मंगरोल जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में जल्द गैस लाइन बिछाने की मांग रखी। जिन क्षेत्रों में गैस लाइन होने के बावजूद मीटर उपलब्ध नहीं हैं, वहां शीघ्र मीटर लगाकर सप्लाई शुरू करने की भी मांग की गई, जिस पर गुजरात गैस की ओर से सकारात्मक आश्वासन दिया गया।



