पानी की रक्षा, सृष्टि की सुरक्षा — प्रोजेक्ट अमृत के तहत देशव्यापी जल स्वच्छता अभियान सम्पन्न

सूरत।
संत निरंकारी मिशन की सामाजिक शाखा संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘प्रोजेक्ट अमृत’ के अंतर्गत ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान का चौथा चरण देशभर में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान ने पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन के प्रति व्यापक जनजागृति का संदेश दिया।
देश के 25 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के 930 शहरों में 1600 से अधिक स्थानों पर आयोजित इस सेवा अभियान में लगभग 12 लाख स्वयंसेवकों ने भाग लेकर जल स्रोतों की सफाई एवं संरक्षण का संकल्प लिया। सूरत शहर में भी इस अभियान के तहत नानपुरा स्थित नावड़ी ओवारा, वराछा के रामजी ओवारा, डिंडोली तालाब, सणिया तालाब, बोण्ड तालाब तथा डुमस चौपाटी सहित छह प्रमुख जल स्रोतों की स्वच्छता का कार्य किया गया।
संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के नेतृत्व में आयोजित इस पहल का उद्देश्य समाज को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाना तथा जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संतुलन के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का भाव विकसित करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ सेवादल के प्रार्थना गीत से हुआ, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा।
दिल्ली में आयोजित विशेष सत्संग कार्यक्रम में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने अपने अमृतमय प्रवचनों में कहा कि भक्ति केवल शब्दों में नहीं, बल्कि कर्मों के माध्यम से प्रकट होनी चाहिए। उन्होंने बाबा हरदेव सिंह जी महाराज की शिक्षाओं को जीवन में उतारने का संदेश देते हुए प्रेम, सेवा, करुणा और समदृष्टि को मानव जीवन का आधार बताया। उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धांजलि वही है जो निस्वार्थ सेवा और मानव कल्याण के कार्यों के रूप में दिखाई दे।
सत्संग में श्रद्धालुओं से आह्वान किया गया कि वे तन-मन-धन को परमात्मा की देन मानकर समाज सेवा से जुड़ें और पर्यावरण संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाएं। अभियान के दौरान सुरक्षा, अनुशासन और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।




