
सूरत।द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) द्वारा शनिवार, 20 दिसंबर 2025 को समृद्धि, नानपुरा, सूरत में एक्सिम कॉन्क्लेव 2025 का सफल आयोजन किया गया। यह कॉन्क्लेव सेंटर ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड, सूरत मैनेजमेंट एसोसिएशन, अहमदाबाद मैनेजमेंट एसोसिएशन, क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया और वाधवाणी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसमें विशेषज्ञ वक्ताओं ने अनछुए वैश्विक बाजारों पर ध्यान केंद्रित कर निर्यात बढ़ाने का आह्वान किया।
वैकल्पिक बाजारों की तलाश आज की जरूरत
चैंबर अध्यक्ष श्री निखिल मद्रासी ने स्वागत भाषण में कहा कि एक्सिम कॉन्क्लेव उनका सपना रहा है। चैंबर द्वारा एक्सपोर्ट-इंपोर्ट से जुड़े प्रशिक्षण भी दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आसपास के देशों में अस्थिरता के माहौल में वैकल्पिक बाजारों की तलाश समय की आवश्यकता है।
अहमदाबाद मैनेजमेंट एसोसिएशन के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री उमेश दीक्षित ने कहा कि किसी भी उद्योग से जुड़े हों, अपनी स्किल्स का उपयोग निर्यात में करना चाहिए।सूरत मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री नितिन ओझा ने कहा कि वैश्विक साझेदार भरोसेमंद पार्टनर्स की तलाश में हैं और नए बाजार उभर रहे हैं। यह समय सूरत के लिए सुनहरा अवसर है।
शहर की ग्रोथ में मोबिलिटी की अहम भूमिका
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सूरत पुलिस कमिश्नर श्री अनुपमसिंह गेहलोत ने कहा कि किसी भी शहर की ग्रोथ उसकी मोबिलिटी पर निर्भर करती है। फ्रेट कॉरिडोर के आने से मालगाड़ियों की औसत गति 70 किमी प्रति घंटा हो गई है। सूरत देश के चार प्रमुख ग्रोथ सेंटर्स में शामिल है, इसलिए यहां रोड सेफ्टी और तेज़ मोबिलिटी दोनों अनिवार्य हैं।
उन्होंने बताया कि उद्योगों की सप्लाई चेन के लिए बेहतर रोड नेटवर्क जरूरी है। मैनपावर का समय पर और सुरक्षित रूप से फैक्ट्रियों तक पहुंचना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सूरत पुलिस ने ट्रैफिक सर्कल छोटे किए हैं और करीब 1600 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे यातायात सुगम हुआ है।
निर्यात बढ़ाने पर पैनल चर्चा
चैंबर के ग्रुप चेयरमैन श्री अनिल सरावगी ने पहली पैनल डिस्कशन का संचालन किया। इसमें सूरत के टेक्सटाइल और डायमंड एक्सपोर्ट को कैसे बढ़ाया जाए, इस पर विस्तार से चर्चा हुई।
रामकृष्ण एक्सपोर्ट के डायरेक्टर श्री दर्शक नरोला ने कहा कि प्रतिबंधों के दौर में अनुपालन बेहद जरूरी हो गया है। उनका 90% सेलिंग ऑनलाइन होती है, इसलिए ब्रांडिंग और भरोसा अहम है।लिबर्टी ग्रुप ऑफ कंपनीज के डॉ. दिनेश धनकानी ने कहा कि टेक्सटाइल निर्यात में अपार संभावनाएं हैं और यह 12–15% CAGR से बढ़ सकता है। उन्होंने अमेरिका पर निर्भर रहने के बजाय बोत्सवाना जैसे अफ्रीकी देशों पर भी ध्यान देने की सलाह दी।
छात्रों को ग्लोबल एक्सिम लीडर बनने का मार्गदर्शन
दूसरी पैनल डिस्कशन “फ्रॉम कैंपस इनोवेटर्स टू द ग्लोबल एंटरप्रेन्योर” विषय पर आयोजित हुई। इसमें नवरेचना यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. हितेश भाटिया और पी.पी. सावाणी यूनिवर्सिटी के प्रोवोस्ट डॉ. पराग संगाणी ने छात्रों को ग्लोबल एक्सिम लीडर बनने के लिए प्रेरित किया। इस सत्र का संचालन वाधवाणी फाउंडेशन के वाइस प्रेसिडेंट श्री केदार पंड्या ने किया।
सरकारी नीतियां और क्वालिटी कंट्रोल पर जोर
जिला उद्योग केंद्र के जनरल मैनेजर श्री जे.बी. दवे ने सरकार की औद्योगिक और निर्यात नीतियों की जानकारी दी।
इंडिया एक्सिम फिनसर्व IFSC प्रा. लि. के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्री विशाल शाह ने बताया कि टेक्सटाइल निर्यात में अमेरिका, यूरोप और यूके का योगदान लगभग 50% है। टैरिफ के बावजूद निर्यात में हल्की बढ़ोतरी हुई है और सरकार कनाडा सहित 40 देशों में आउटरीच प्रोग्राम चला रही है।
क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया–NABL, अहमदाबाद की जॉइंट डायरेक्टर डॉ. भूमि राजयगुरु ने वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए क्वालिटी कंट्रोल और टेस्टिंग की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए NABL एक्रेडिटेशन के फायदे बताए।कॉन्क्लेव का समग्र संचालन अहमदाबाद मैनेजमेंट एसोसिएशन की सुश्री नताशा भटनागर ने किया।




