
सूरत। हाल ही में हुई भारी बारिश और खाड़ी में आई बाढ़ से सूरत के सैकड़ों व्यापारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान होने के बाद राज्य सरकार उनके लिए विशेष राहत नीति तैयार करेगी। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और राज्य के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की मौजूदगी में हुई समीक्षा बैठक में प्रभावित व्यापारियों और नागरिकों को राहत पहुंचाने के साथ-साथ खाड़ी पर हुए अतिक्रमण हटाने के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि जिस प्रकार वडोदरा की विश्वामित्री नदी में आई बाढ़ के बाद राज्य सरकार ने छोटे-बड़े व्यापारियों और केबिनधारकों के लिए विशेष सहायता नीति बनाई थी, उसी तरह सूरत के टेक्सटाइल मार्केटों और व्यावसायिक परिसरों में दुकान रखने वाले व्यापारियों के लिए भी अलग राहत नीति तैयार की जाएगी। इसमें छोटे व्यापारियों को नकद सहायता तथा बड़े व्यापारियों को टर्म लोन पर ब्याज में राहत अथवा अन्य आर्थिक सहायता देने जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि भारी बारिश से शहर के कई आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में व्यापक नुकसान हुआ है। सरकार प्रभावित परिवारों और व्यापारियों के साथ खड़ी है तथा अगले 72 घंटे में हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। शहर के सभी प्रभावित क्षेत्रों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है और सर्वे युद्धस्तर पर जारी है।
समीक्षा बैठक में खाड़ी पर हुए अतिक्रमणों को शीघ्र हटाने के निर्देश भी दिए गए। जनप्रतिनिधियों ने पिछले वर्ष के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटने पर नाराजगी जताते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की। राहत एवं सर्वे कार्य में तेजी लाने के लिए टीमों की संख्या 30 से बढ़ाकर 90 कर दी गई है।
सरकार के अनुसार प्रभावित परिवारों को घरेलू उपयोग की किट और नकद सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक पात्र परिवारों को 6,800 रुपये की सहायता देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रशासन का लक्ष्य अगले 72 घंटे में राहत, स्वच्छता और आवश्यक सेवाओं को पूरी तरह पटरी पर लाना है।




