चातुर्मास से पूर्व आचार्य सम्राट शिवमुनि जी का दो दिवसीय प्रवास, 23 जुलाई को होगा चातुर्मासिक मंगल प्रवेश

सूरत। श्रमण संघ के आचार्य सम्राट पूज्य डॉ. शिवमुनि जी महाराज आदि ठाणा-10 ने चातुर्मास से पूर्व मंगलवार को प्रातः 10:35 बजे आत्म भवन से विहार कर बलेश्वर स्थित श्री रमेशभाई जैन के बंगला नंबर 114-115 में मंगल प्रवेश किया। यहां परिवार एवं बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने आचार्य भगवंत और संतवृंद का भावभीना स्वागत किया। इस अवसर पर स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ पुणे एवं जोधपुर से आए भक्त भी उपस्थित रहे।
आचार्य भगवंत का 21 से 22 जुलाई तक दो दिवसीय प्रवास श्री रमेशभाई जैन के निवास पर रहेगा। इस अवसर पर आचार्य श्री ने अपने प्रेरक प्रवचन में कहा कि अनेक लोग चातुर्मास के लिए आग्रह करते हैं, लेकिन उनका लक्ष्य केवल आत्मध्यान साधना है। उन्होंने कहा कि वे जहां भी रुकते हैं, वहां आत्मकल्याण और साधना को ही सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। आचार्य श्री ने आत्मध्यान साधना में सहयोग देने वाले अवध संगरीला निवासियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया।
इससे पूर्व प्रमुख मंत्री पूज्य शिरीष मुनि जी महाराज ने कहा कि भगवान महावीर ने त्याग, वैराग्य और वीतरागता का संदेश दिया है। आचार्य शिवमुनि जी की यात्रा भी वीतरागता की यात्रा है, जिसका उद्देश्य आत्मकल्याण और संयम साधना है। वहीं मधुर गायक पूज्य निशांत मुनि जी महाराज ने “अमृतमय वाणी का झरना तुम नाथ निरंतर बहने दो” भजन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम में शिवाचार्य आत्मध्यान फाउंडेशन के ट्रस्टी रोहित जैन ने आचार्य भगवंत एवं संतवृंद के अपने निवास पर पधारने पर कृतज्ञता व्यक्त की।
विशेष: आचार्य सम्राट पूज्य डॉ. शिवमुनि जी महाराज आदि ठाणा-10 23 जुलाई 2026 को प्रातः 9 बजे बंगला नंबर 114-115 से विहार कर आत्म भवन, बंगला नंबर 416-417 में चातुर्मासिक मंगल प्रवेश करेंगे।




