अशांत धारा अनुमति और न्यायिक मामलों में देरी को लेकर वकीलों ने कलेक्टर व पुलिस कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन

सूरत। सूरत जिला वकील मंडल द्वारा अशांत धारा के अंतर्गत अनुमति (परमिशन) से संबंधित मामलों में आ रही समस्याओं को लेकर जिला कलेक्टर एवं शहर पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान गुजरात बार काउंसिल की सदस्य प्रीति जोशी ने भी विभिन्न न्यायिक एवं प्रशासनिक मुद्दों पर लिखित एवं मौखिक प्रस्तुतियां दीं।
प्रीति जोशी ने कलेक्टर के समक्ष ई-स्टैम्पिंग से संबंधित लंबित आवेदनों तथा त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता वाले मामलों पर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों (सीनियर सिटीजन्स) के मामलों में मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल की कार्यवाही अत्यंत धीमी गति से चल रही है, जिसके कारण जरूरतमंद बुजुर्गों को समय पर न्याय नहीं मिल पाता। इस संबंध में प्रक्रिया को तेज करने और शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इसके अलावा पुलिस कमिश्नर को दिए गए ज्ञापन में प्रीति जोशी ने कहा कि कई मामलों में जब कोई अधिवक्ता स्वयं शिकायतकर्ता होता है, तब उसके विरुद्ध दबाव बनाने के उद्देश्य से विपक्षी पक्ष द्वारा क्रॉस शिकायतें दर्ज कराने का वातावरण तैयार किया जाता है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित होने से बचाने के लिए स्पष्ट एवं कड़े निर्देश जारी किए जाने की मांग की गई।
वकील मंडल ने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि अशांत धारा की अनुमति, ई-स्टैम्पिंग, वरिष्ठ नागरिकों के मामलों तथा अधिवक्ताओं से जुड़े विवादों में प्रभावी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम बन सके।




