१३३ करोड़ की लागत से सूरत बनेगा हाईटेक सुरक्षित शहर, 1400 नए CCTV कैमरे लगेंगे
सूरत पुलिस और मनपा का संयुक्त सुरक्षा प्रोजेक्ट : AI तकनीक से अपराध और ट्रैफिक पर रहेगी कड़ी निगरानी

सूरत – स्मार्ट सिटी के रूप में देशभर में अपनी अलग पहचान बना चुके सूरत शहर को अब और अधिक सुरक्षित तथा तकनीक आधारित बनाने की दिशा में सूरत पुलिस और सूरत महानगरपालिका द्वारा संयुक्त रूप से एक बड़े सुरक्षा प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है। पुलिस कमिश्नर अनुपमसिंह गहलोत तथा म्युनिसिपल कमिश्नर एम. नागराजन के बीच आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने हेतु 133 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक CCTV एवं ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
इस परियोजना के तहत शहर में अतिरिक्त 1400 नए CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। वर्तमान में सूरत शहर में पुलिस विभाग के 879 कैमरे, ‘विजन’ प्रोजेक्ट के 1211 कैमरे तथा सूरत महानगरपालिका के 1480 कैमरे सहित कुल 3570 CCTV कैमरे कार्यरत हैं। नए कैमरे स्थापित होने के बाद शहर में कुल कैमरों की संख्या लगभग 4970 तक पहुंच जाएगी। सभी कैमरों को AI आधारित सर्विलांस सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
AI तकनीक के माध्यम से अपराधियों की पहचान, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी तथा ट्रैफिक नियम उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। पुलिस कमिश्नर अनुपमसिंह गहलोत ने बताया कि सूरत पुलिस अब आधुनिक तकनीक के व्यापक उपयोग की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिससे शहर में अपराध पर तेजी से नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
बढ़ते ट्रैफिक और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए शहर में 100 नए ट्रैफिक सिग्नल भी स्थापित किए जाएंगे। अत्याधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से यातायात व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित और सुगम बनाने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विजन-2047’ को ध्यान में रखते हुए सूरत को देश के सबसे आधुनिक और सुरक्षित शहरों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना का उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाना तथा आपात स्थितियों में त्वरित सुरक्षा प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।
डिजिटल सर्विलांस, AI आधारित सुरक्षा व्यवस्था और आधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली के लागू होने से सूरत आने वाले समय में देश के अन्य शहरों के लिए मॉडल स्मार्ट सिटी के रूप में उभर सकता है। शहर के प्रमुख मार्ग, चौराहे और सार्वजनिक स्थान हाईटेक निगरानी के दायरे में आएंगे।
रेलवे नेटवर्क से भी जुड़ेगा CCTV सिस्टम
परियोजना के तहत सूरत रेलवे स्टेशन सहित उधना, गोठाण, किम, कोसंबा, सचिन और सायण रेलवे स्टेशनों को भी CCTV नेटवर्क से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अपराधियों द्वारा रेलवे मार्ग का उपयोग कर शहर में प्रवेश या फरार होने की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे के साथ समन्वय किया जा रहा है। इस संबंध में पश्चिम रेलवे के डीआरएम एवं अन्य अधिकारियों के साथ भी चर्चा किए जाने की जानकारी सामने आई है।




