सूरत में धुले व्यापारी महासंघ का दो दिवसीय विशेष अध्ययन एवं समन्वय दौरा
गुजरात-महाराष्ट्र के बीच व्यापारिक सहयोग मजबूत करने हेतु साउदर्न गुजरात चैंबर में संवाद

सूरत। महाराष्ट्र के धुले शहर की अग्रणी व्यापारिक संस्था ‘धुले व्यापारी महासंघ’ द्वारा सूरत शहर का दो दिवसीय विशेष अध्ययन एवं समन्वय दौरा आयोजित किया गया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य व्यापार, उद्योग तथा आधुनिक व्यावसायिक मॉडल की जानकारी प्राप्त कर सदस्यों को नई दिशा प्रदान करना रहा।
द साउदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महासंघ के अध्यक्ष नितिन बंग एवं सचिव राजेश मिंडोलिया के मार्गदर्शन में लगभग 45 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल 9 मई को सूरत पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने सूरत के तीव्र औद्योगिक विकास, आधुनिक तकनीक के उपयोग तथा व्यापारियों को उपलब्ध सुविधाओं को लेकर चैंबर के मंच पर विस्तृत चर्चा की।
चैंबर के अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने कहा कि सूरत आज व्यापार एवं उद्योग का गतिशील केंद्र बन चुका है। अन्य राज्यों से आने वाले व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के ऐसे दौरे केवल व्यावसायिक आदान-प्रदान तक सीमित नहीं रहते, बल्कि राज्यों के बीच आर्थिक संबंधों को भी नई मजबूती प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि सूरत के आधुनिक टेक्सटाइल एवं डायमंड उद्योग के प्रबंधन मॉडल देश के अन्य शहरों के व्यापारियों के लिए प्रेरणादायी हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने 9 एवं 10 मई के दौरान सरसाणा स्थित वेल्थ एक्सपो 2026 का भी अवलोकन किया, जहां आधुनिक निवेश विकल्प, प्राइवेट इक्विटी फंडिंग तथा वित्तीय अवसरों की जानकारी प्राप्त की। इसके अलावा सदस्यों ने SVNIT सूरत का दौरा कर तकनीकी शिक्षा एवं शोध गतिविधियों के बारे में जानकारी ली।
दौरे के दौरान व्यापारिक प्रतिनिधियों ने सूरत के विश्वविख्यात हीरा उद्योग की अग्रणी कंपनी एसआरके डायमंड्स तथा टेक्सटाइल क्षेत्र की सुचित्रा डाइंग मिल का भी भ्रमण किया। आधुनिक उत्पादन प्रक्रिया एवं व्यावसायिक प्रबंधन प्रणाली को देखकर प्रतिनिधिमंडल के सदस्य विशेष रूप से प्रभावित हुए।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से भी भेंट कर धुले जिले के औद्योगिक विकास, बांध परियोजनाओं तथा जल संसाधन से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
महासंघ के पदाधिकारियों ने दौरे के समापन पर कहा कि ऐसे अध्ययन यात्राओं से उद्योगपतियों को नई सोच एवं व्यावसायिक अवसरों की समझ विकसित होती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह यात्रा गुजरात और महाराष्ट्र के बीच औद्योगिक सहयोग एवं व्यापारिक समन्वय को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



