
सूरत। शहर की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने डिंडोली क्षेत्र से करोड़ों रुपये के प्रतिबंधित ‘एम्बरग्रीस’ (व्हेल मछली की उल्टी) के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त किए गए एम्बरग्रीस का वजन 1.071 किलोग्राम है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1.07 करोड़ रुपये आंकी गई है।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी अमरीश जयप्रकाश मिश्रा, जो बीकॉम तक पढ़ा हुआ है और एक ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी में डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता था, इस अवैध कारोबार में शामिल था। उसके साथ सोनू उर्फ बबलू देविप्रसाद उपाध्याय और संदीप कृपाशंकर उपाध्याय को भी गिरफ्तार किया गया है। तीनों आरोपी उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के रहने वाले हैं।
एसओजी के डीसीपी राजदीप सिंह नकुम की टीम को मिली पुख्ता सूचना के आधार पर आरजेडी बिजनेस प्लाजा, डिंडोली के पास निगरानी रखी गई थी। जांच के दौरान तीनों संदिग्धों के पास से प्लास्टिक बैग में रखा एम्बरग्रीस बरामद हुआ। एफएसएल और विशेषज्ञों की जांच में इसकी पुष्टि हुई।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह एम्बरग्रीस भरूच जिले के कावी-कंबोई क्षेत्र के मछुआरों धीरू वाघेला और उमेश भालिया से प्राप्त किया गया था। आरोपी अमरीश मिश्रा पिछले एक सप्ताह से सूरत में इसे बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहा था।
एम्बरग्रीस स्पर्म व्हेल के पाचन तंत्र में बनने वाला एक मोम जैसा पदार्थ होता है, जो समुद्र में तैरता मिलता है। समय के साथ यह सुगंधित हो जाता है और महंगे परफ्यूम बनाने में ‘फिक्सेटिव’ के रूप में उपयोग होता है, इसलिए इसे ‘तैरता सोना’ भी कहा जाता है।
फिलहाल पुलिस ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।




