
सूरत। आज विकसित भारत G-Ram-G योजना को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटील ने कहा कि यह योजना ग्रामीण रोजगार, पारदर्शिता और कौशल विकास के क्षेत्र में एक बड़ा और सकारात्मक कदम है। उन्होंने बताया कि यह योजना पूर्व की मनरेगा योजना की तुलना में अधिक सशक्त है। जहां मनरेगा में 100 दिन के काम की गारंटी थी, वहीं VB G-Ram-G योजना में 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा में मजदूरी का भुगतान 15 दिन में एक बार होता था, जबकि VB G-Ram-G में साप्ताहिक वेतन भुगतान व्यवस्था लागू की गई है, जिससे श्रमिकों को समय पर आय सुनिश्चित होगी। साथ ही, मनरेगा में केवल श्रम कार्यों पर जोर था, जबकि इस नई योजना में कौशल विकास को भी प्राथमिकता दी गई है।
पाटील ने बताया कि योजना में रीयल-टाइम डेटा अपलोड, GPS और मोबाइल आधारित मॉनिटरिंग, बायोमेट्रिक प्रणाली और AI तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे फर्जी जॉब कार्ड के जरिए लाभ उठाने की संभावनाएं समाप्त हो जाएंगी और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहेगी।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा किया जा रहा आंदोलन भ्रष्टाचार को बचाने का प्रयास है और पार्टी को राम, गांव और काम—तीनों से परेशानी है।
जल शक्ति अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नल से जल योजना के तहत करोड़ों लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया है। अंत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही योजनाएं विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।




