गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मंदिर में हुआ भव्य पूजन, हवन एवं आरती का आयोजन
श्री खेतेश्वर पैदल यात्रा संघ द्वारा 117वीं पदयात्रा आषाढ़ मास में गुरुवार को सम्पन्न

सूरत। श्री खेतेश्वर पैदल यात्रा संघ द्वारा 117वीं पदयात्रा का आयोजन आज गुरुवार, 10 जुलाई 2025 को आषाढ़ मास की विशेष यात्रा के रूप में भक्ति भाव एवं श्रद्धा से सम्पन्न हुआ। गुरु पूर्णिमा जैसे पावन पर्व पर आयोजित इस यात्रा में श्रद्धालु जनों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही।
यात्रा का शुभारंभ जोश और श्रद्धा के साथ हुआ, जो मंदिर परिसर पहुंचकर भक्ति कार्यक्रमों में परिवर्तित हुआ। मंदिर में पहुंचकर भक्तों ने सामूहिक रूप से आरती, हवन एवं पूजा में भाग लिया। इस अवसर पर मंदिर के मुख्य पुजारी श्री गणपत महाराज ने वेद मंत्रों के साथ ब्रह्मलीन खेतेश्वर दाता की पावन पादुका की विधिवत पूजा करवाई तथा दर्शनार्थियों के लिए दर्शन खुले रखे गए। पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्तगण दर्शन का लाभ लेते रहे।
इस यात्रा के लाभार्थी अर्जुनसिंह एवं अभिषेकसिंह, सुपुत्र श्री ओमसिंह नोरवा, जिला जालोर रहे। उनका स्वागत पप्पूसिंह साकरणा, नरपतसिंह मनिहारी, नरपतसिंह इंद्राणा, रमेशसिंह इंद्राणा, देवीसिंह समदड़ी, शैतानसिंह जागसा, मदनसिंह सिलोइया एवं जितुसिंह घेवड़ा द्वारा किया गया।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्री गंगासिंह रायथल ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि “आज सृष्टि रचयिता भगवान ब्रह्मा के वंशावतार ब्रह्मलीन खेतेश्वर दाता जी की पावन पादुका के दर्शन व पूजन का दुर्लभ अवसर मिला है। यह गुरु की कृपा का प्रतीक है।”
कार्यक्रम के संयोजक महेंद्रसिंह राजपुरोहित ने अपने उद्बोधन में कहा कि “वर्तमान वैश्विक और सामाजिक परिप्रेक्ष्य में संगठन की आवश्यकता पहले से अधिक है। समाज निष्ठा ही वैतरणी को पार करवाने का मार्ग है। गुरुओं के बताए मार्ग पर चलकर ही हम संगठित समाज की रचना कर सकते हैं। चातुर्मास का समय प्रारंभ हो चुका है, सभी को अपने गुरुओं की आज्ञा लेकर समाजहित के कार्यों में जुट जाना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि “देश का वर्तमान वातावरण बिखरे हुए समाज के लिए एक चुनौती है। अतः आवश्यक है कि हम सब मतभेद मिटाकर संगठित रूप से कार्य करें और जहां भी रहें, वहां सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता को बढ़ावा दें।”
कार्यक्रम के अंत में श्री मदनसिंह बारवा ने यात्रा में पधारे समस्त श्रद्धालुजनों का आभार व्यक्त करते हुए सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।




