सुरत वेसु जैनालय की दूसरी सालगिरह धूमधाम से सम्पन्न
ऋषभदेव–पुंडरिक स्वामी के 26 शिखरों वाला दैदीप्यमान जीनालय आकर्षण का केंद्र

आ.श्री मुक्तिनिलय सूरीश्वरजी एवं आ. श्री अर्हमप्रभ सूरीश्वरजी की निश्रा में हुआ आयोजन
सूरत : वेसु क्षेत्र में स्थित दैदीप्यमान जैनालय, जो अपनी अद्भुत कारीगरी, आबु देलवाड़ा की याद दिलाती कारीगरी और 26 शिखरों से सुसज्जित भव्य स्वरूप के लिए ख्यात છે, उसकी दूसरी सालगिरह अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस पावन अवसर पर आ. श्री मुक्तिनिलय सूरीश्वरजी तथा आ. श्री अर्हमप्रभ सूરીश्वरजी महाराजा आदि गुरु भगवंतों की पावन निश्रा में विविध धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
श्रद्धालुओं की बड़ी उपस्थिति के बीच जीनालय को विशेष रूप से रोशनी से सजाया गया था। भगवान ऋषभदेव और पुंडरिक स्वामी सहित 24 तीर्थंकरों के दिव्य दरबार को आकर्षक आंगी में अलंकृत किया गया, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक आभा से झीलमील उठा।वेसु का यह जीनालय अपनी अद्भुत कारीगरी, काशीनगरी जैसी नक्षीकाम और अबू-दिलवाड़ा जैसी बारीक कारीगरी के कारण सूरत का एक विशिष्ट आध्यात्मिक स्थल बन चुका है। दूसरी सालगिरह पर आयोजित महोत्सव ने श्रद्धालुओं को दिव्य अनुभूति कराई।




