
सूरत: द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा गुरुवार, 20 नवंबर 2025 को प्लैटिनम हॉल, सरसाणा, सूरत में ‘जर्नी टू फाइनेंशियल फ्रीडम’ विषय पर एक महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बिजनेस कंसल्टेंट एवं सोशल आंत्रप्रेन्योर डॉ. धनंजय बांठिया ने उद्यमियों व प्रोफेशनल्स को आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त करने के व्यावहारिक उपाय बताए।
चैंबर के अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने स्वागत भाषण में कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में व्यवसाय को टिकाऊ बनाए रखने के लिए नॉलेज अपडेटेशन, पेलोड मैनेजमेंट, फाइनेंशियल प्लानिंग और मार्केट के बदलते स्वरूप को समझना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि ऐसे सत्र उद्यमियों को सही निवेश मार्ग दिखाते हैं और दीर्घकालिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
की–नोट स्पीकर डॉ. धनंजय बांठिया ने कहा कि वेल्थ क्रिएशन केवल माइंडसेट से संभव है। जहां जीवन और वित्तीय लक्ष्यों को लेकर स्पष्टता होती है, वहां निवेश भी सरल हो जाता है और व्यक्ति संपत्ति निर्माण की दिशा में आगे बढ़ सकता है। उन्होंने उदाहरण देकर बताया कि लोग करोड़ों का फ्लैट 80% लोन पर खरीदते समय तो सहज रहते हैं, लेकिन SIP जैसे निवेश विकल्पों से डरते हैं—यह मानसिकता बदलनी होगी।
उन्होंने कहा कि कोविड के बाद लोगों की सोच में परिवर्तन आया है और देश तेजी से फॉर्मल इकोनॉमी की ओर बढ़ रहा है। भविष्य में खर्च और आर्थिक चुनौतियाँ बढ़ेंगी, इसलिए युवाओं को अभी से विविध प्रकार के निवेश पर ध्यान देना चाहिए। आर्थिक स्वतंत्रता केवल अधिक कमाई से नहीं, बल्कि शिस्तबद्ध निवेश, जोखिम प्रबंधन और डायवर्सिफिकेशन से मिलती है।
कार्यक्रम के अंत में चैंबर के उपाध्यक्ष अशोक जीरावाला ने सभी उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
सत्र में चैंबर के मानद मंत्री बिजल जरीवाला, मानद कोषाध्यक्ष CA मितिष मोदी, पदाधिकारी, सदस्य, उद्यमी तथा प्रोफेशनल्स उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. राकेश दोशी ने किया, जबकि उदय धांधले ने वक्ता का परिचय प्रस्तुत किया।




