
सूरत।सूरत के कपड़ा उद्योग में फ्रेट चार्ज और पेमेंट टर्म्स को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।सूरत निटिंग ट्रेडर्स एसोसिएशन द्वारा जारी हालिया पत्र में यह घोषणा की गई है कि सभी व्यापारियों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए अब व्यापार पुराने धारे पर ही जारी रहेगा। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि निटर्स पहले से ही अधिक भाड़ा वसूलते हैं और उस पर ब्याज भी लेते हैं, फिर भी व्यापारियों ने कभी भाड़ा कम करने की मांग नहीं की। ऐसे में वर्तमान समय में भाड़ा बढ़ाने की जो मांग की जा रही है, वह पूरी तरह अनुचित है। एसोसिएशन ने यह भी निर्णय लिया कि पुराने भुगतान नियमों में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। मंडी से भुगतान में पहले से ही देरी होती है, इसलिए ब्याज की गणना पहले की तरह 60 दिन बाद ही लागू होगी। साथ ही चेतावनी दी गई है कि किसी भी बिल में यदि अतिरिक्त भाड़ा जोड़ा गया पाया जाएगा तो उस बिल को स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी दलाल भाइयों से भी अनुरोध किया गया है कि वे SKTA के किसी भी सदस्य का सौदा नए भाड़े पर न लिखवाएं।
दूसरी ओर, सूरत मंडप क्लॉथ एसोसिएशन ने SKTA के इस निर्णय का विरोध करते हुए इसे एकतरफा और असंतुलित बताया है। एसोसिएशन का कहना है कि बिना सभी व्यापारिक वर्गों की राय लिए इस तरह का फतवा जारी करना अनुचित है, क्योंकि इसका असर पूरे मंडप कपड़ा व्यापार पर पड़ेगा। इसी विषय पर चर्चा और सामूहिक निर्णय हेतु सूरत मंडप क्लॉथ एसोसिएशन ने एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जो 11 नवंबर, मंगलवार को शाम 4 बजे रघुवीर बिजनेस एम्पायर में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में शहर के सभी प्रमुख व्यापारियों और एसोसिएशन पदाधिकारियों की उपस्थिति अपेक्षित है।
फ्रेट चार्ज विवाद को लेकर दोनों संगठनों के आमने-सामने आने से सूरत के कपड़ा बाजार में हलचल मच गई है। जहां एक ओर निटर्स अपने पुराने सिस्टम को बनाए रखने के पक्ष में हैं, वहीं मंडप व्यापारी साझा संवाद और सामूहिक निर्णय की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। व्यापार जगत में यह चर्चा जोरों पर है कि क्या आगामी बैठक में दोनों पक्ष किसी सहमति पर पहुंचकर व्यापारिक माहौल को स्थिर रख पाएंगे या यह विवाद आगे और गहराएगा




