गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर आज सूरत में निकलेगी विशाल जनजागरण रैली
जगद्गुरु डॉ. राजेंद्रदास जी देवाचार्य महाराज के सान्निध्य में होगा आयोजन, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन

सूरत। गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने तथा देशभर में गौवध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर चलाए जा रहे देशव्यापी जनजागरण अभियान के दूसरे चरण के तहत सोमवार, 27 जुलाई को सूरत में विशाल जनजागरण रैली निकाली जाएगी। रैली का समापन जिला सेवा सदन पर होगा, जहां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा जाएगा।
अग्र मलूक पीठाधीश्वर, अनंत श्री विभूषित जगद्गुरु डॉ. राजेंद्रदास जी देवाचार्य महाराज रविवार देर शाम सूरत पहुंचे। सूरत एयरपोर्ट पर गोभक्तों एवं श्रद्धालुओं ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान राकेश कंसल, किशोर सिंह राजपुरोहित, लालसिंह राजपुरोहित, ललित शर्मा, अरुण पटोदिया, मूलसिंह पुरोहित, महेश शर्मा सहित श्री जड़खोर गोधाम सेवा समिति, सूरत के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में गोसेवक उपस्थित रहे। स्वागत के बाद महाराज श्रीमती गीतादेवी गजानंद कंसल के आवास पहुंचे और उपस्थित श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया। 
मीडिया प्रभारी सज्जन महर्षि ने बताया कि सोमवार सुबह 8 बजे महाराजा अग्रसेन भवन में विजय मंत्र के सामूहिक कीर्तन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसके बाद जगद्गुरु महाराज महाराजा अग्रसेन पैलेस पहुंचेंगे और वहां से सभी गोभक्त वनिता विश्राम के लिए प्रस्थान करेंगे। सुबह 10 बजे संतों के सान्निध्य में विशाल जनजागरण रैली जिला सेवा सदन के लिए रवाना होगी।
रैली में बैलगाड़ियां, आकर्षक धार्मिक झांकियां, ढोल-नगाड़े तथा महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी रहने की संभावना है। कार्यक्रम में ग्वाल संत श्री गोपालानंद सरस्वती भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
रैली के समापन पर संतों के सान्निध्य में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा जाएगा। साथ ही गौसंरक्षण के समर्थन में चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान और रक्त से लिखे गए पत्र भी प्रशासन के माध्यम से संबंधित संवैधानिक पदाधिकारियों तक भेजे जाएंगे। आयोजनकर्ताओं ने अधिक से अधिक नागरिकों से रैली में शामिल होकर गौसंरक्षण जनजागरण अभियान को सफल बनाने की अपील की है।




