सूरत में बारिश की आपदा के बीच ड्रेनेज विभाग का रिकॉर्ड प्रदर्शन, एक दिन में 2915.03 एमएलडी पानी की पंपिंग
भारी बारिश और खाड़ीपूर के बीच सीवरेज सिस्टम ने संभाला मोर्चा, 1633.40 एमएलडी गंदे पानी का हुआ शोधन
सूरत। 23 जुलाई को सूरत में हुई अत्यधिक बारिश और खाड़ीपूर (बाढ़) की स्थिति ने शहर की व्यवस्थाओं की कड़ी परीक्षा ली। मूसलाधार वर्षा के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे बारिश के पानी की निकासी महापालिका के ड्रेनेज विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गई।
विपरीत परिस्थितियों के बावजूद ड्रेनेज विभाग ने शहर के सभी सीवरेज पंपिंग स्टेशनों और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों को लगातार संचालित रखा। विभाग ने एक ही दिन में 2915.03 एमएलडी पानी की पंपिंग कर नया रिकॉर्ड बनाया, जबकि 1633.40 एमएलडी गंदे पानी का शोधन भी किया गया।
सामान्य दिनों में सीवरेज नेटवर्क में मुख्य रूप से केवल गंदे पानी का प्रवाह रहता है, लेकिन 23 जुलाई की भारी बारिश के दौरान स्थिति पूरी तरह बदल गई। बारिश का पानी और खाड़ी का पानी भी सीवरेज सिस्टम में पहुंचने से पंपिंग स्टेशनों और ट्रीटमेंट प्लांटों पर अब तक का सबसे अधिक दबाव बना। इसके बावजूद विभाग ने सभी प्रणालियों को सुचारु रूप से संचालित रखते हुए पानी की निकासी का कार्य लगातार जारी रखा।
बारिश के दौरान खाड़ी का जलस्तर बढ़ जाने से कई क्षेत्रों में वर्षा जल की निकासी बाधित हो गई थी। ऐसी स्थिति में सूरत महानगरपालिका के ड्रेनेज विभाग ने कई स्थानों पर सीवर के ढक्कन खोलकर सड़कों पर भरे वर्षा जल को सीधे सीवरेज नेटवर्क में पहुंचाने की व्यवस्था की, जिससे जलभराव कम करने में सहायता मिली।
महानगरपालिका के अनुसार, आपदा जैसी परिस्थितियों में ड्रेनेज विभाग की त्वरित कार्रवाई और लगातार संचालन से शहर में जलनिकासी व्यवस्था को बनाए रखने में महत्वपूर्ण सफलता मिली।




