प्रधानमंत्री मोदी ने सूरत से 18,778 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की दी सौगात
विश्व पर्यावरण दिवस पर 24 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, बोले- “सूरत सिर्फ शहर नहीं, एक स्पिरिट है; स्वच्छता और ग्रीन एनर्जी में बना देश का आदर्श”

सूरत। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सूरत के दीनदयाल उपाध्याय इंडोर स्टेडियम से दक्षिण गुजरात को 18,778 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने कुल 24 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिनमें 13,926 करोड़ रुपये की 19 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 4,852 करोड़ रुपये की 5 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “सूरत सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि एक स्पिरिट है।” उन्होंने कहा कि एक समय प्लेग जैसी महामारी का सामना करने वाला सूरत आज पूरे देश के लिए स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन एनर्जी का मॉडल बनकर उभरा है। सूरतवासियों की जागरूकता और सहभागिता के कारण यह देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल अभियान नहीं, बल्कि देश के स्वस्थ भविष्य के लिए एक संस्कार पर्व है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज ‘इकोनॉमी’ और ‘इकोलॉजी’ के संतुलन के साथ ‘ग्रीन ग्रोथ’ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। गुजरात ने देश में सबसे पहले क्लाइमेट चेंज विभाग स्थापित कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नई पहल की थी। आज भारत दुनिया के शीर्ष पांच सौर ऊर्जा उत्पादक देशों में शामिल है और इसमें गुजरात की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने सूरत की ‘सर्कुलर वॉटर इकोनॉमी’ की विशेष सराहना करते हुए कहा कि शहर में गंदे पानी को ट्रीट कर उद्योगों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने विश्वास जताया कि तापी बैराज परियोजना के पूर्ण होने के बाद सूरत की जल आवश्यकताओं का दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हजीरा क्षेत्र आज समुद्री व्यापार और रक्षा उत्पादन के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। वहीं वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेस-वे, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और आधुनिक रेलवे नेटवर्क दक्षिण गुजरात के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में गुजरात ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ में गुजरात देश में अग्रणी है तथा राज्य 21 प्रतिशत योगदान के साथ प्रथम स्थान पर है। ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत राज्य में 2.20 लाख से अधिक रेन वॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं और 2,703 अमृत सरोवर बनाए गए हैं।

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि सूरत महानगरपालिका देश की एकमात्र ऐसी नगर निगम है, जो वेस्ट वॉटर को रीसायकल कर उद्योगों को बेचती है और इससे प्रतिवर्ष लगभग ₹140 करोड़ की आय अर्जित करती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वागत में हजारों नागरिकों ने पर्यावरण अनुकूल तरीके से हस्तनिर्मित पोस्टर तैयार कर ग्रीन प्रोटोकॉल का संदेश दिया।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा कि जनभागीदारी से चलाए गए जल संरक्षण अभियानों के कारण भारत भविष्य की जल चुनौतियों का सामना करने में आत्मनिर्भर बन रहा है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य अतिथियों ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।इस अवसर पर केंद्रीय एवं राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।



