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प्रधानमंत्री मोदी के इको-फ्रेंडली स्वागत के लिए सूरत तैयार, 35 हजार से अधिक लोगों ने चलाया महा स्वच्छता अभियान

वीएनएसजीयू के विद्यार्थियों ने बनाया 48×14 फीट का हस्तनिर्मित बैकड्रॉप, 15 हजार छात्रों ने तैयार किए 2500 पर्यावरण संदेश वाले प्लेकार्ड

सूरत। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सूरत आगमन को लेकर पूरे शहर में उत्साह के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का अनूठा माहौल देखने को मिल रहा है। प्रशासन, शैक्षणिक संस्थानों, कलाकारों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से यह आयोजन केवल एक स्वागत कार्यक्रम न रहकर जन-जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण का अभियान बन गया है।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए इंडोर स्टेडियम को पूरी तरह इको-फ्रेंडली और प्लास्टिक मुक्त बनाने की विशेष तैयारी की गई है। मुख्य मंच पर 48×14 फीट का भव्य हस्तनिर्मित बैकड्रॉप वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय (वीएनएसजीयू) के फाइन आर्ट्स विभाग के शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा तैयार किया गया है। बांस, रिसाइकिल किए गए कपड़े तथा बांधनी, अजरख, ब्लॉक प्रिंट और आभला वर्क जैसी पारंपरिक लोककलाओं के समन्वय से तैयार यह बैकड्रॉप गुजरात की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को प्रदर्शित करेगा।
दक्षिण गुजरात के सूरत, भरूच, नवसारी, वलसाड, वापी और बारडोली क्षेत्रों के 48 कलाकारों ने तीन दिनों की मेहनत से 60 इको-फ्रेंडली हस्तनिर्मित होर्डिंग्स और पोस्टर तैयार किए हैं। शुद्ध सूती कपड़े और वाटर कलर से बनाई गई इन कलाकृतियों में ग्रीन एनर्जी, स्वच्छता अभियान, सोलर ऊर्जा, मेट्रो रेल और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को दर्शाया गया है।


नगरपालिका संचालित 365 विद्यालयों के 15 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री के स्वागत के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाले 2500 प्लेकार्ड तैयार किए हैं। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल पर नागरिकों द्वारा बनाई गई 5 हजार से अधिक कलाकृतियां, बांस के इंस्टॉलेशन, कचरे से निर्मित शिल्प और इको-फ्रेंडली रंगोलियां आकर्षण का केंद्र बनेंगी।
प्रधानमंत्री के आगमन से पहले सूरत महानगरपालिका और जिला प्रशासन द्वारा शहर एवं जिले के 669 स्थानों पर मेगा स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान में 35 हजार से अधिक नागरिकों और सफाई कर्मचारियों ने भाग लिया। शहर के प्रमुख मार्गों, फ्लाईओवर, अंडरब्रिज और सार्वजनिक स्थलों की सफाई के साथ सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ विशेष कार्रवाई भी की गई।


इसी दौरान घोड़दौड़ रोड पर एक दिव्यांग नागरिक द्वारा बिना किसी प्रचार-प्रसार के हाथ में झाड़ू लेकर की गई सफाई लोगों के लिए प्रेरणा का विषय बनी। स्वच्छ भारत और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जीवन में उतारने वाली यह पहल जनभागीदारी का सशक्त उदाहरण बनकर उभरी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले सूरत न केवल भव्य स्वागत की तैयारियों में जुटा है, बल्कि स्थानीय कला, सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का भी प्रभावशाली संदेश पूरे देश को देने के लिए तैयार है।

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