
भ्रष्टाचार और दुर्व्यवहार के खिलाफ सिविल प्रशासन की सख्ती: त्रुटिरहित कार्य करने और मरीजों के साथ सौजन्यपूर्ण व्यवहार रखने के निर्देश
सूरत: सूरत की न्यू सिविल अस्पताल की केसबारी पर कार्यरत एक आउटसोर्सिंग एजेंसी के कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा मरीजों से अवैध रूप से ₹20 वसूलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सिविल प्रशासन ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यू सिविल अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. पारुल वडगामा की अध्यक्षता में तत्काल समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुशासनहीनता के दोषी संबंधित डेटा ऑपरेटर को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटाने का निर्णय लिया गया।
मेडिकल सुपरिटेंडेंट के कक्ष में आयोजित इस आपात बैठक में आरएमओ डॉ. केतन नायक, इंचार्ज नर्सिंग सुपरिटेंडेंट इकबाल कड़ीवाला सहित अस्पताल से जुड़ी सभी आउटसोर्सिंग एजेंसियों के ठेकेदार, सुपरवाइजर, डेटा ऑपरेटर तथा सुरक्षा अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में प्रशासन ने भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) की नीति दोहराते हुए स्पष्ट किया कि अस्पताल में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्ट आचरण को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक के दौरान मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. पारुल वडगामा ने सभी डेटा ऑपरेटरों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि सिविल अस्पताल में आने वाले गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों के साथ सदैव विनम्र, सम्मानजनक और सौहार्दपूर्ण व्यवहार किया जाए। मरीजों का पंजीकरण करते समय उनके नाम, पते सहित सभी विवरण पूरी सटीकता और सावधानी के साथ दर्ज किए जाएं। साथ ही सभी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और तत्परता के साथ करें, ताकि मरीजों का समय व्यर्थ न हो और उन्हें समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके।
अस्पताल प्रशासन ने सभी एजेंसियों के सुपरवाइजरों को प्रतिदिन केसबारियों का औचक निरीक्षण करने तथा कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति और कार्य निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में किसी भी कर्मचारी के खिलाफ वित्तीय अनियमितता, रिश्वतखोरी या मरीजों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत सामने आने पर उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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