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चेक रिटर्न के चार मामलों में महिला व्यापारी को एक वर्ष की सजा

अदालत ने चेक की पूरी राशि चुकाने का दिया आदेश, भुगतान न होने पर अतिरिक्त छह माह की कैद

सूरत। ग्रे कपड़े की खरीद के बाद भुगतान के लिए दिए गए चेक बाउंस होने के चार अलग-अलग मामलों में पलसाणा कोर्ट ने एक महिला व्यापारी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष की साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने चेक की संपूर्ण राशि का भुगतान करने का भी आदेश दिया है।

प्रकरण के अनुसार, ‘श्री श्याम क्रिएशन’ की प्रोपराइटर रूपल अंकित अग्रवाल ने ‘टेक्सपिन टेक्सटाइल’ फर्म के भागीदार अजयभाई मगनलाल नरोड़िया से 8,45,456 रुपये मूल्य का ग्रे कपड़ा खरीदा था। इसके आंशिक भुगतान के रूप में आरोपी ने कुल 6,88,163 रुपये के चार चेक जारी किए थे। शिकायतकर्ता द्वारा चेक बैंक में प्रस्तुत किए जाने पर सभी चेक अनादरित (रिटर्न) हो गए थे।

इसके बाद कानूनी नोटिस भेजे जाने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया और न ही कोई संतोषजनक जवाब मिला। परिणामस्वरूप शिकायतकर्ता ने अधिवक्ता रमेश वी. सानेपरा के माध्यम से नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत पलसाणा कोर्ट में परिवाद दायर किया था।

मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए एक वर्ष की साधारण कैद की सजा सुनाई तथा चेक की पूरी राशि शिकायतकर्ता को अदा करने का आदेश दिया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित राशि का भुगतान नहीं किए जाने पर आरोपी को अतिरिक्त छह माह की साधारण कैद भुगतनी होगी।

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