
सूरत। देश के प्रमुख औद्योगिक एवं निर्यात केंद्र सूरत को अंतरराष्ट्रीय एयर कनेक्टिविटी एवं आधुनिक एयर कार्गो सुविधाओं से जोड़ने की मांग को लेकर CAIT टेक्सटाइल एवं गारमेंट कमेटी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विस्तृत प्रतिनिधित्व सौंपा है। कमेटी ने “विकसित भारत 2047”, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTA), पीएम मित्रा, मेक इन इंडिया एवं पीएम गति शक्ति जैसे राष्ट्रीय विजन को मजबूत करने के लिए सूरत को वैश्विक व्यापारिक हब के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।
CAIT टेक्सटाइल एवं गारमेंट कमेटी के राष्ट्रीय चेयरमैन चम्पालाल बोथरा द्वारा प्रस्तुत प्रतिनिधित्व में कहा गया कि सूरत देश का सबसे बड़ा सिंथेटिक टेक्सटाइल, मैन मेड फाइबर (MMF), गारमेंट और डायमंड एक्सपोर्ट हब होने के बावजूद पर्याप्त अंतरराष्ट्रीय उड़ानों एवं एयर कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर से वंचित है। इसके कारण व्यापारियों, निर्यातकों एवं MSME इकाइयों को मुंबई और अहमदाबाद जैसे शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे समय और लॉजिस्टिक लागत बढ़ती है तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा प्रभावित होती है।

कमेटी ने बताया कि ई-कॉमर्स और डिजिटल व्यापार के विस्तार के चलते सूरत देश का बड़ा सप्लाई एवं डिस्पैच केंद्र बन चुका है। प्रतिदिन लाखों पार्सल Amazon, Flipkart, Myntra और Meesho जैसे प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से देशभर में भेजे जाते हैं। साथ ही टेक्सटाइल, गारमेंट, डायमंड एवं औद्योगिक उत्पादों का बड़े स्तर पर निर्यात भी किया जाता है।
प्रतिनिधित्व में सूरत को पूर्ण विकसित अंतरराष्ट्रीय यात्री एवं एयर कार्गो हब घोषित करने, दुबई, सिंगापुर, बैंकॉक, हांगकांग, दोहा, कोलंबो और लंदन जैसे शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने, एयर कार्गो कॉरिडोर विकसित करने तथा सूरत-हजीरा क्षेत्र को इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल एवं एक्सपोर्ट लॉजिस्टिक्स ज़ोन के रूप में विकसित करने की मांग की गई है।
चम्पालाल बोथरा ने कहा कि सूरत में भारत का “ग्लोबल एक्सपोर्ट गेटवे” बनने की अपार क्षमता है और यह देश को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।


