
ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में देशभर के केमिस्टों का बंद सफल, जोधपुर में 3800 मेडिकल स्टोर रहे बंद
जोधपुर। अखिल भारतीय दवा विक्रेता संघ के आह्वान पर गुरुवार को देशभर के केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट द्वारा एक दिवसीय बंद का आयोजन किया गया। अनियंत्रित ऑनलाइन दवा बिक्री, बिना पर्ची दवाओं की उपलब्धता तथा छोटे केमिस्टों के अस्तित्व से जुड़े मुद्दों को लेकर किए गए इस बंद को व्यापक समर्थन मिला।
राजस्थान केमिस्ट एलायंस के अध्यक्ष अरविंद गुप्ता एवं सचिव धनपत सेठिया के सानिध्य में राजस्थानभर के करीब 48 हजार केमिस्टों ने बंद में भाग लिया। वहीं जोधपुर केमिस्ट एलायंस के अध्यक्ष अरुण धारीवाल ने बताया कि जोधपुर शहर में लगभग 3800 मेडिकल स्टोर पूरी तरह बंद रहे, जिससे मेडिकल बाजार में सन्नाटा नजर आया।
उन्होंने बताया कि बंद को सफल बनाने में केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश दरयानी सहित देवेश कच्छवाहा, चन्द्र मोहन गांधी, दीपक सेठिया, मुकेश खत्री, कैलाश जैन, मांगीलाल सुराणा, दिनेश नाथ, जयकिशन कलवानी, विमल राठी, अविनाश सिंघवी, प्रदीप वरदानी, मनोज काबरा, सुकर्म यादव, महेंद्र उपाध्याय, प्रीतम दास, मुकीम गज़दर, मनोज पम्पालिया एवं राजूराम बेनीवाल सहित अनेक केमिस्टों का विशेष सहयोग रहा।
केमिस्ट संगठनों ने सरकार के समक्ष अपनी प्रमुख मांगों को रखते हुए कहा कि ऑनलाइन ई-फार्मेसी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए, ताकि बिना चिकित्सकीय पर्ची दवाओं की बिक्री और नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर अंकुश लगाया जा सके। इसके अलावा बड़ी कंपनियों द्वारा भारी छूट देकर किए जा रहे शोषणकारी मूल्य निर्धारण को बंद कराने की भी मांग उठाई गई।
संगठन ने केंद्र सरकार से जीएसआर 817 ई एवं जीएसआर 220 ई अधिसूचनाओं को वापस लेने तथा प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को दवा लाइसेंस देने के प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग की।
केमिस्ट नेताओं के अनुसार पूरे भारत में मेडिकल व्यवसाय का एक दिन का कारोबार लगभग 1000 करोड़ रुपये से अधिक का है, जिस पर बंद का प्रभाव पड़ा। वहीं केवल जोधपुर में ही करीब 8 से 10 करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान होने का अनुमान जताया गया।




