अशांत धारा की फाइलों में भेदभाव के आरोप पर सूरत वकील मंडल सरकार से करेगा शिकायत
अगले सप्ताह सामान्य सभा बुलाने का निर्णय, कार्यकारिणी बैठक में उठे कई प्रशासनिक मुद्दे

सूरत। सूरत जिला वकील मंडल की कार्यकारिणी एवं को-ऑप्ट सदस्यों की हाल ही में आयोजित बैठक में कलेक्टर कार्यालय के प्रशासनिक कामकाज को लेकर गंभीर मुद्दे उठाए गए। वकीलों ने आरोप लगाया कि अशांत धारा से संबंधित फाइलों के निस्तारण में प्रशासन द्वारा पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। इस मामले में राज्य सरकार के समक्ष औपचारिक प्रस्तुति देने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में वकील मंडल के अध्यक्ष उदय पटेल, उपाध्यक्ष संजय पटेल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान बताया गया कि कुछ वकीलों की फाइलें एक ही दिन में मंजूर कर दी जाती हैं, जबकि अन्य वकीलों को तीन-तीन महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे अधिवक्ताओं में असंतोष व्याप्त है।
इसके अलावा ओलपाड रजिस्ट्रार कार्यालय में हो रही प्रशासनिक परेशानियों तथा मोटा वराछा क्षेत्र की संपत्तियों से जुड़े राजस्व कार्यों में हो रही देरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।बैठक में अधिवक्ताओं के लिए पार्किंग व्यवस्था की कमी, बैठने की सुविधाओं का अभाव तथा लंबे समय से लाइब्रेरी बॉडी में परिवर्तन नहीं होने जैसे आंतरिक विषयों पर भी चर्चा हुई। इन सभी लंबित समस्याओं के समाधान हेतु अगले सप्ताह सामान्य सभा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। सामान्य सभा के बाद राज्य सरकार के समक्ष विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत किया जाएगा, ऐसा वकील मंडल के पदाधिकारियों ने बताया।



