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गुजरात स्थापना दिवस पर छात्रा की अनोखी कलाकृति, इतिहास और पहचान को दिया नया आयाम

सूरत। वीर नमर्द साउथ गुजरात यूनिवर्सिटी के फाइन आर्ट्स विभाग की छात्रा मोनिका अंकोलिया ने गुजरात स्थापना दिवस के अवसर पर एक विशेष कलाकृति तैयार की है, जिसमें गुजरात के इतिहास, महान व्यक्तित्वों और उसकी सांस्कृतिक पहचान को बेहद रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
इस कलाकृति के बारे में मोनिका अंकोलिया ने बताया कि चित्र में दर्शाया गया पतंग केवल एक उत्सव का प्रतीक नहीं है, बल्कि “अस्तित्व से उभरती पहचान” का प्रतीक है। पतंग के भीतर गुजरात का नक्शा दर्शाया गया है, जिसमें सरदार वल्लभ भाई पटेल,नमर्द , चरखा, द्वारकाधीश टेंपल सैयद मस्जिद की जाली और गुजरात की पहचान माने जाने वाले गरबा जैसे प्रतीक स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं।
उन्होंने बताया कि ये सभी तत्व हमारी पहचान के केंद्र हैं, जिन्हें हम समझते हैं और गर्व के साथ स्वीकार करते हैं। वहीं, चित्र में अन्य ऐतिहासिक स्थलों को शेड (छाया) में दर्शाया गया है, जो यह बताता है कि वे केवल अतीत का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि ऐसी स्मृतियां हैं जो हमारे भीतर मौजूद तो हैं, लेकिन पूरी तरह दिखाई नहीं देतीं। वे हमारी चेतना और अवचेतन के बीच निवास करती हैं।
मोनिका के अनुसार, यह छाया दर्शाती है कि पहचान कभी पूरी तरह प्रकाश में नहीं आती, उसमें हमेशा कुछ न कुछ अदृश्य और अस्पष्ट बना रहता है। उनके शब्दों में, “गुजरात केवल एक भौगोलिक नक्शा नहीं है, बल्कि प्रकाश और अंधकार के बीच जीती एक अनुभूति है।”
उन्होंने आगे कहा, “जहां प्रकाश समाप्त होता है, वहीं से पहचान की असली गहराई शुरू होती है।”
इस उत्कृष्ट कलाकृति के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. किशोरसिंह चावड़ा, कुलसचिव डॉ. रमेशदान गढ़वी तथा फाइन आर्ट्स विभाग के समन्वयक अंकीत कुमार चांगावाला ने छात्रा को बधाई दी और उनके प्रयास की सराहना की।

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