
गांधीनगर। भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने केन्द्रीय मोटर वाहन नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। इन नए प्रावधानों के तहत ई-चालान से जुड़े मामलों में शिकायत दर्ज कराने की समय-सीमा, चालान भुगतान की प्रक्रिया और ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन संबंधी नियमों को पहले से अधिक सख्त बनाया गया है। राज्य सरकार ने गुजरात के नागरिकों से यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने और लंबित ई-चालानों का समय पर भुगतान करने की अपील की है।
नए नियमों के अनुसार, यदि किसी वाहन चालक या मालिक को जारी किए गए ई-चालान पर कोई आपत्ति या शिकायत है, तो वह चालान जारी होने की तारीख से 45 दिनों के भीतर ई-चालान पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकेगा। यदि निर्धारित अवधि में कोई शिकायत दर्ज नहीं की जाती है, तो चालान को स्वतः स्वीकार किया हुआ माना जाएगा और इसके बाद 30 दिनों के भीतर चालान की राशि जमा करनी होगी।
यदि तय समय-सीमा में चालान का भुगतान नहीं किया जाता है, तो संबंधित वाहन को “वाहन पोर्टल” पर “नॉट टू बी ट्रांजैक्टेड” श्रेणी में डालकर ब्लॉक कर दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में वाहन से संबंधित अधिकांश प्रशासनिक सेवाएं, जैसे आरसी, लाइसेंस या अन्य आवेदन प्रक्रियाएं प्रभावित होंगी।
यदि शिकायत प्राधिकारी द्वारा चालक की आपत्ति खारिज कर दी जाती है, तो उसे 30 दिनों के भीतर चालान की पूरी राशि जमा करनी होगी या 50 प्रतिशत राशि जमा कर न्यायालय में अपील करनी होगी। ऐसा न करने पर चालान को स्वीकार माना जाएगा और वाहन ब्लॉक करने की कार्रवाई की जाएगी।
सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि यदि किसी वाहन चालक या मालिक के खिलाफ एक ही वर्ष में पांच या उससे अधिक ई-चालान जारी होते हैं, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जा सकता है। सरकार ने नागरिकों से यातायात नियमों का पालन कर कानूनी कार्रवाई से बचने की अपील की है।




